बाराबंकी। एक साथ बड़े पैमाने पर किए गए स्वास्थ्य कर्मियों के तबादले से उपजा आक्रोश थम नहीं रहा है। मंगलवार को भी स्वास्थ्य कर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर सीएमओ कार्यालय पर धरना देते हुए प्रदर्शन किया और अपनी मांगों का ज्ञापन सीएमओ को सौंपा। कर्मियों ने कहा कि मनमाने तरीके से किए गए तबादलों को यदि निरस्त नहीं किया जाता है तो कर्मचारी आंदोलन को और तेज करने को मजबूर होंगे। कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के चलते विभागीय कार्य पूरी तरह से ठप रहे।
यूपी मेडिकल एंड पब्लिक हेल्थ मिनिस्टीरियल एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष जीके मिश्रा ने सीएमओ को सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाते हुए कहा कि निदेशक प्रशासन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं ने जानबूझकर सरकार की स्वच्छ छवि को धूमिल करने का प्रयास किया है। जिले में 70 लिपिक कार्यरत हैं और उनमें से 35 लिपिकों का तबादला तीन और पांच सौ किमी दूर कर दिया गया है जो स्थानांतरण समायोजन नीति का खुला उल्लंघन हैं। कर्मचारी इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।
जिला मंत्री वीके पांडेय ने कहा कि निदेशक प्रशासन की संवेदनहीनता इसी बात से परिलक्षित होती है कि उन्होंने तबादले में किस तरह से मनमानी की है। निदेशक प्रशासन की यह कार्रवाई घोर निंदनीय है। कहा कि न्यायोचित यहीं होगा कि कर्मचारियों की तबादलों को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। अन्यथा कर्मचारी आंदोलन और तेज करने को मजबूर होंगे।
कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे कार्य बहिष्कार की वजह से विभागीय कार्य पूरी तरह से ठप हो गए हैं। इस मौके पर प्रहलाद श्रीवास्तव, अमित कुमार, अमित त्रिपाठी, अनिल सिंह, रवि वर्मा, नितेश श्रीवास्तव, विनय कुमार तिवारी, सुशील पांडेय, अजरा खान, कमाल फातिमा, रीना मिश्रा आदि मौजूद रहे।