बाराबंकी। महिला कल्याण की सरकारी योजनाओं का लाभ अब बहन-बेटियों व माताओं को घर बैठे मिलेगा। आवेदन से लेकर लाभ तक के लिए सरकारी कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। वहीं गांव की राजनीति के चलते पात्र महिलाओं को लाभ न मिलने की दिक्कत भी दूर होगी।
नई व्यवस्था के तहत अब इसकी जिम्मेदारी महिला बीट की सिपाहियों को दी गई है। जो गांव-गांव में जाकर चौपाल लगाकर महिला कल्याण की योजनाओं का प्रचार-प्रसार करेंगी। वहीं पात्र महिलाओं के आवेदन भरवाकर एसपी के माध्यम से डीएम को भेज लाभ दिलाएंगी।
जिले के 22 थानों में 139 महिला बीट बनाई गई हैं। इसकी जिम्मेदारी छह हेड और 143 महिला कांस्टेबल को दी गई है। बीट की सभी महिला सिपाही को उपलब्ध कराई गई ई-बुकलेट में महिला कल्याण की सभी योजनाएं जैसे बेटियों की छात्रवृत्ति से लेकर, कन्या सुमंगला योजना, विवाह योजना, सुरक्षित मातृत्व आश्वासन सुमन योजना, फ्री सिलाई मशीन योजना, प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास योजना आदि के बारे में उसकी पात्रता, मिलने वाले लाभ की राशि व आवेदन के प्रारूप आदि तक की जानकारी दी गई है।
इसको लेकर महिला आरक्षी गांव-गांव में जाकर परिषदीय स्कूल व पंचायत घरों में चौपाल लगाएंगी। चौपाल की व्यवस्था ग्राम प्रधान करेंगे। वहीं इस चौपाल में आशा बहू, आंगनबाड़ी, शिक्षामित्र व महिला पंचायत सदस्य मौजूद रहेंगी।
व्हाट्सएप ग्रुप में कर सकेंगी शिकायत
बीट की आरक्षी अपने बीट के गांवों की महिलाओं का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाएंगी। इसमें महिलाओं की आने वाले शिकायतों का निराकरण कराने की जिम्मेदारी भी बीट आरक्षी की होगी। इस व्यवस्था से महिलाओं को अपनी शिकायतों के लेकर इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा।
महिला बीट की 42 सिपाहियों को दिया गया प्रशिक्षण
सिटी व सदर सर्किल के छह थानों के महिला बीट की 42 सिपाहियों को रविवार को पुलिस लाइन के सभागार में प्रशिक्षित किया। पुलिस अधिकारियों ने उनके अधिकार व कर्तव्यों के बारे बताया। वहीं उपलब्ध कराई गई ई-बुकलेट में दिए गए निर्देशों के क्रम में महिलाओं को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने की बात कही।
नगर कोतवाली में 11 तो घुंघटेर में तीन महिला बीट
जिले में बनाई गई 139 महिला बीट में सबसे अधिक नगर कोतवाली में 11 बीट हैं। जबकि देवा, बदोसरायं, रामसनेहीघाट व टिकैतनगर में नौ-नौ बीट, मोहम्मदपुर खाला थाने में आठ, जहांगीराबाद, सफदरगंज व असंद्रा में सात-सात, रामनगर, फतेहपुर, कुर्सी व जैदपुर में छह-छह, सतरिख, हैदरगढ़, कोठी व दरियाबाद में पांच-पांच, सुबेहा, लोनीकटरा, बड्डूपुर व मसौली में चार-चार तथा सबसे कम तीन महिला बीट घुंघटेर थाने में बनाई गई हैं।
महिला कल्याण की योजनाओं के प्रचार-प्रसार व पात्रों को इसको लाभ दिलाने के लिए 139 महिला बीट बनाई गई हैं। इसकी जिम्मेदारी महिला सिपाहियों को देते हुए उन्हें ई-बुकलेट उपलब्ध कराई गई है। बीट की सिपाही गांवों में चौपाल लगाएंगी। इसका प्रशिक्षण महिला सिपाहियों को दिया जाएगा।
-पूर्णेंदु सिंह, एएसपी