बाराबंकी। तेंदुए की मौजूदगी को लेकर गांवों में दहशत लगातार बढ़ती जा रही है। इस बार असंद्रा थाना क्षेत्र के जरौली गांव में ग्रामीणों ने तेंदुए द्वारा एक बकरी को निवाला बनाने की सूचना पर हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने गांव व आसपास का इलाका छान मारा, लेकिन कुछ नहीं मिला। वन विभाग ने तेंदुआ न होने की बात कहते हुए अपने सुर बदल दिए हैं। विभाग का दावा है कि पगचिह्नों की गहन छानबीन के बाद पता चला है कि वह तेंदुआ नहीं बल्कि लकड़बग्घा है।
पिछले करीब एक सप्ताह से जिले के कई हिस्सों में तेंदुआ आने की खबर फैली। निन्दूरा के पीरनगर व असंद्रा क्षेत्र के पिपरहा गांव के बाद तीन दिन पहले कोठी थाना क्षेत्र के मझपुरा गांव में तेंदुए का जोड़ा देखे जाने की बात कहते हुए ग्रामीणों ने वनविभाग को सूचना दी थी। छानबीन में तीन टीमें लगाई गई, डीएफओ रुस्तम परवेज ने पुष्टि की थी कि तेंदुआ ही है।
बृहस्पतिवार को फिर असंद्रा थाने के ग्राम जरौली में तेंदुआ आने की खबर पूरे क्षेत्र में फैली तो वनकर्मी व पुलिस मौके पर पहुंची। मौके पर पहुंची टीम को गांव के रामसुमिरन की बकरी गायब मिली और बकरी के अवशेष नहर के पास पाए गए। अब डीएफओ रुस्तम परवेज का कहना है कि कोठी क्षेत्र में भी जो पगचिह्न देखे गए थे, वे तेंदुए के तो लग रहे थे, मगर विशेषज्ञों ने जब छानबीन की तो यह लकड़बग्घे के पगचिह्न पाए गए। फिलहाल गांवों में दहशत व्याप्त है।