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80 हजार मामलों का निस्तारण, जमा कराया गया 21 करोड़ प्रतिकर

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बाराबंकी। जिला जज विधिक सेवा प्राधिकरण राधेश्याम यादव की अध्यक्षता में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। शुभारंभ जिला जज एवं प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय दुर्ग नरायन सिंह ने किया। नोडल अधिकारी अशोक कुमार यादव ने बताया कि राजस्व, बैंकों, विभिन्न विभागों एवं सिविल कोर्ट के समस्त न्यायालयों के द्वारा कुल 80 हजार 499 मामलों का निस्तारण किया गया। कुल 21 करोड़ तीन लाख 90 हजार 175 रुपये अर्थदण्ड एवं प्रतिकर के रूप में जमा कराए गए।
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सिविल कोर्ट के विभिन्न न्यायालयों द्वारा कुल 1834 वादों का निस्तारण करते हुए कुल 17 करोड़ 26 लाख 55 हजार 479 रुपये की धनराशि अर्थदंड एवं प्रतिकर के रूप में वसूल किए गए। प्री-लेटिगेशन स्तर पर राजस्व विभाग, बैंकों, विभिन्न विभागों के कुल 78 हजार 665 मामलों का निस्तारण करते हुए कुल तीन करोड़ 77 लाख 34 हजार 696 रुपये की धनराशि वसूल की गई।
जनपद न्यायाधीश द्वारा कुल 30 वादों का निस्तारण किया गया। प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय दुर्ग नरायन सिंह द्वारा 83 मामलों का निस्तारण किया गया, 22 जोड़ों की विदाई हुई। अपर जिला एवं सत्र न्यायालयों द्वारा 68 मुकदमों का निस्तारण किया गया। अपर प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय प्रथम द्वारा 26 एवं द्वितीय द्वारा 42 मामलों का निस्तारण किया गया।
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स्थाई लोक अदालत द्वारा एक वाद का निस्तारण किया गया। न्यायिक दंडाधिकारियों द्वारा कुल 1555 मामलों को निस्तारित करते हुए 71 लाख 70 हजार रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किया गया। दीवानी न्यायालयों द्वारा 124 वादों का निस्तारण किया गया, जिनमें 65 उत्तराधिकार वादों को निस्तारित करते हुए 17 करोड़ 77 लाख 63 हजार के उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किए गए।
पूर्ण कालिक सचिव संजय कुमार षष्ठम ने बताया कि जिले के विभिन्न राजस्व न्यायालयों से कुल 36 हजार 60 वादों का निस्तारण किया गया। जिले की विभिन्न बैंकों द्वारा कुल 670 एनपीए खातों का निस्तारण करते हुए दो करोड़ 69 लाख 80 हजार 961 रुपये वसूल किए गये।
लोक अदालत में भी नहीं मिल सका न्याय
बेलहरा के मोहल्ला बखरिया निवासी सगन ने बताया कि उनका उत्तराधिकार का वाद कोर्ट संख्या 13 में लोक अदालत में नियत था। लेकिन पत्रावली न मिल पाने के कारण उनके मुकदमे का निस्तारण नहीं हो सका। किन्हौली से आई नूर बानो पुत्री मोहम्मद हनीफ कोर्ट आई थी। उसका मुकदमा लोक अदालत में पारिवारिक न्यायालय में नियत था।
सुलह की बात हो चुकी थी, परंतु रियाज द्वारा एक मारपीट के मामले का निस्तारण होने के बाद ही सुलह करने की बात कही गई। जिससे आज निस्तारण नहीं हो सका। ऐसी स्थिति में बच्चों की परवरिश व पढ़ाई भी बाधित हो रही है। बड्डूपुर के हरसौली निवासी मौनी देवी ने बताया कि बैंक ऑफ इंडिया महादेवा से ऋण वसूली के संबंध में नोटिस भेजी गई थी।
यहां आने पर उसे बैंक अधिकारियों द्वारा पूरा पैसा जमा करने की बात कही गई, लेकिन मामले का निस्तारण नहीं हो सका। शिवपुरी मजरे मंझपुरवा निवासी गौरव ने बताया कि उनका चेक बाउंस का मुकदमा कोर्ट संख्या 11 में नियत था। जिसमें विपक्षी द्वारा बाउंस धनराशि का भुगतान मय ब्याज अदा करने के बाद उन्होंने सुलह कर ली है और उनका मुकदमा लोक अदालत में निस्तारित हो गया है।
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