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तेंदुआ के आगे बेबस हुआ वन विभाग, पकड़ने में हुआ नाकाम

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सफदरगंज/दरियाबाद (बाराबंकी)। बीते दस दिनों से जिले में दहशत का माहौल बना तेंदुआ मंगलवार को भी पकड़ में नहीं आ सका है। अब वन विभाग को यह तक नहीं पता है कि तेंदुआ इस समय है कहां। हालांकि जहां भी उसकी लोकेशन मिलती है वहां पर टीमें पहुंचकर कॉम्बिंग करती है। लेकिन इसके बावजूद तेंदुआ पकड़ने में विभाग नाकाम साबित हुआ है। बीते दो दिनों से तेंदुआ किसी को दिखा भी नहीं है, मगर उसके पगचिह्न के आधार पर उसकी तलाश की जा रही है।
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तीन दिन पहले सफदरगंज थाना क्षेत्र में अयोध्या हाईवे किनारे अहमदपुर टोल प्लाजा के पास पूरे दिन तेंदुआ सक्रिय रहा था। इसे पकड़ने के लिए ग्रामीण व वन कर्मियों ने प्रयास तो किए लेकिन पकड़ में नहीं आया था। तेंदुआ के हमले में एक युवक भी घायल हो गया था। लेकिन बीते दो दिनों से तेंदुआ का कोई लोकेशन नहीं मिल रही है। अहमदपुर के पास तेंदुआ को पकड़ने के लिए खेत में सिर्फ बंद पिंजड़े ही रखे हैं। जबकि चार टीमें कॉम्बिंग भी करने में लगी है।
इसी तरह दरियाबाद क्षेत्र में सोमवार को देर रात एक मांगलिक कार्यक्रम से वापस आ रहे भगवानपुर निवासी प्रमोद उसकी पति आरती व बच्चों पर हमला करने वाले जंगली जानवर के पगचिह्नों को देखकर खेतों में काम करने वाले ग्रामीण डरके मारे घरों से निकलना बंद कर दिए हैं। मंगलवार की सुबह कुसफर में जानवर चराने व खेतों को निकले चरवाहों व किसानों ने जंगली जानवरों के पैरों के निशान देखे। ग्रामीणों ने गांव के बागों के आसपास इलाके में खोजबीन की तो जंगली जानवर के ताजे पगचिह्न को देखकर लोग भयभीत हो गये हैं।
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ग्राम प्रधान प्रतिनिधि दीपक सिंह रघुवंशी ने बताया कि देर रात जंगली जानवर ने गांव के अम्बरीका के घर पर भी हमला किया परंतु कोई हताहत नहीं हुआ। खेतों में काम करने गए राजकुमार, भीम, अम्बरीका, वीरेंद्र, विनीत सिंह, भोंदू, मकरंदी आदि ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने तेंदुआ के पगचिह्नों को देखा है। इस बाबत डीएफओ रुस्तम परवेज ने बताया कि दो दिन से तेंदुआ कर कोई सही लोकेशन नहीं मिलर है। चार टीमें लगातार कॉम्बिंग कर रही हैं। ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है।
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