बाराबंकी। पूर्व मुख्यमंत्री और राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह के निधन की खबर से पूरे बाराबंकी में शोक की लहर दौड़ गई। भाजपा के पुराने कार्यकर्ता हों या नए नेता सबसे उनका ऐसा लगाव था कि निधन की खबर मिलने के बाद सब गमगीन हो गए। अयोध्या के नायक कल्याण सीएम पद छोड़ने के बाद जब भी बाराबंकी पहुंचे उनके स्वागत में यहां के लोगों ने हमेशा पूरी गर्मजोशी दिखायी।
लंबे समय से बीमार चल रहे कल्याण सिंह का पीजीआई में इलाज चल रहा था रात में उनकी मौत की खबर के बाद लोग में शोक की लहर है। सुधीर कुमार सिंह बताते हैं कि चाहे रामजन्म भूमि का आंदोलन रहा हो या सत्ता में काबिज होने के बाद मुख्यमंत्री का कार्यकाल कभी उनसे मिलने में देर नहीं लगी।
उनके समय कार्यकर्ताओं का जो सम्मान बाराबंकी के लोगों को मिला उसे भुला पाना आसान नहीं होगा। चुनावी सभाएं रही हों या कार्यकर्ताओं की साथ मीटिंग एक-एक का नाम पुकार कर इतनी उर्जा भर देते थे कि ऐसा नेता मिलना मुश्किल है।
पूर्व सीएम के निधन पर सांसद उपेन्द्र सिंह रावत, विधायक सतीश चन्द्र शर्मा, शरद कुमार अवस्थी, साकेन्द्र वर्मा, बैजनाथ रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष राजरानी रावत, जिला अध्यक्ष अवधेश श्रीवास्तव, पूर्व एमएलसी हरगोविंद सिंह, नवीन सिंह राठौर, गुलाब सिंह रावत, विजय आनंद बाजपेयी, गुरुशरण सिंह लोधी, संदीप गुप्ता आदि ने शोक व्यक्त किया।
जिला पंचायत पर खाई पकौड़ी
पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह अपने दूसरे कार्यकाल के आखिरी दिन अयोध्या में रामलला के दर्शन को जा रहे थे तभी उन्होंने जाते समय अपने एक चहेते के पास रुकने के लिए विजय बहादुर पाठक से फोन कराया और थोड़ी देर बाद उनका काफिला जिला पंचायत गेट पर आकर रुक गया। सुरेन्द्र शुक्ला बताते हैं कि इतने बड़े पद पर और इतने सहज व्यक्तित्व के धनी कल्याण सिंह जी कुर्सी पर बैठकर प्याज की पकौड़ी खाई और चले गए। लगा ही नहीं कि इतना बड़ा नेता हमारे बीच आया है।