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Barabanki News: डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के साथ जेई व एईएस की दस्तक

Fri, 27 Sep 2024 08:52 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
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बाराबंकी में त्रिवेदीगंज क्षेत्र के नेराकबूलपुर गांव में बुखार से पीड़ित पूर्व प्रधान राजबहादुर
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बाराबंकी। जिले में जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) और एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) भी पैर पसार चुकी हैं। सितंबर माह में जेई के दो मरीज मिले, जबकि जून से लेकर अब तक एईएस से करीब छह लोग बीमार हो चुके हैं। बीमारी की पुष्टि होने के बाद टीमें गांव तो गईं, लेकिन सिर्फ रस्म अदायगी कर वापस लौट आईं। स्वास्थ्य महकमा भले ही पीड़ितों के ठीक होने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ रहा हो, लेकिन गांवों में रोगों की रोकथाम के लिए किए जाने वाले कार्य धरातल पर नजर नहीं आ रहे हैं। यही वजह है कि प्रभावित गांवों में कई और लोग भी बुखार से पीड़ित मिल रहे हैं।
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जिले भर में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के साथ जेई और एईएस के मरीज सामने आ रहे हैं। सितंबर माह में जेई के दो मामले सामने आए हैं। विकास खंड सिद्धौर के ग्राम नसीपुर के रामनरेश की पुत्री अंजली (16) कक्षा 11 की छात्रा है। कई दिनों से बुखार आने पर परिजन ने बाराबंकी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां जांच में जेई की पुष्टि हुई। करीब एक सप्ताह भर्ती रखने के बाद छुट्टी देकर घर भेजा गया।
पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम तो गांव पहुंची, लेकिन सिर्फ घर के आसपास छिड़काव कर वापस लौट गई। वहीं विकास खंड त्रिवेदीगंज के कबलूपुर निवासी पूर्व प्रधान राजबहादुर (67) करीब 20 दिनों से बीमार थे। तबीयत बिगड़ने पर लखनऊ के लोहिया संस्थान में भर्ती कराया गया। केजीएमयू लखनऊ से हुई जांच में जेई की रिपोर्ट पॉजीटिव आई। 14 दिन तक इलाज के बाद उन्हें छुट्टी मिली। गांव में टीमें तो गईं लेकिन फिर भी व्यवस्थाएं बदहाल हैं।
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बुखार से हो चुकी मौत, कई बीमार
कबूलपुर गांव में जान्हवी (14) पुत्री आशाराम की बुखार के चलते 10 दिन पूर्व मौत हाे चुकी है। गांव के विपिन, सचिन, तेजशंकर निजी अस्पताल में भर्ती हैं। धर्मेंद्र का पुत्र प्रतीक (3), दयाशंकर का पुत्र आदित्य (8) भी बीमार हैं। स्वास्थ्य, पंचायतीराज समेत अन्य विभागों की टीमें गांवों में साफ-सफाई के इंतजाम नहीं करा पाईं। कई स्थानों पर लगे कूड़े के ढेर व्यवस्थाओं को मुंह चिढ़ा रहे हैं।


एईएस के ये मिल चुके हैं मामले
सितंबर माह में निंदूरा के मोहलिया के सुंदरलाल के पुत्र सुरेंद्र (7) एईएस से पीड़ित मिला। इसके पहले फतेहपुर कस्बे में ग्राम माता मंदिर के पास अजमल की तीन वर्षीय पुत्री जूली को अगस्त, देवा के नयापुरवा गोपालपुर की रामकली (55) को जून, रामनगर के भिठौरा के अर्पित (2) पुत्र सुंदरलाल को जून, मसौली के ग्राम पल्हरी के सलीम की पुत्री मायरा (3) को अगस्त में एईएस की पुष्टि हुई थी।

सभी पीड़ित हो चुके स्वस्थ
इस साल जेई के दो और एईएस के छह मरीज मिले हैं। प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य व अन्य सहयोगी विभागों ने रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं। फिलहाल पीड़ित ठीक हो चुके हैं। संचारी रोगों की रोकथाम के लिए एक अक्तूबर से फिर से अभियान शुरू होने जा रहा है।
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- डीके श्रीवास्तव, एसीएमओ व नोडल संचारी रोग नियंत्रण
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