बाराबंकी। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरख पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रामजी वर्मा ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और अनियमित जीवन शैली से लोग कई तरह के दबाव, तनाव, चिंता के कारण डिप्रेशन व मानसिक बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। इन्हीं से बचाव के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।
सीएमओ ने कहा कि विश्व धीरे-धीरे ध्रुवीकरण की तरफ बढ़ता जा रहा है। अमीर और गरीब तथा गुणवत्ता और जीवन के बीच अंतर बढ़ता जा रहा है। इन सब चीजों का सीधा संबंध व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि कोरोना की वजह से समाज में लोगों की मानसिक स्थिति एवं जीवन शैली पर बुरा असर पड़ा है। एक आम नागरिक, मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल व स्वास्थ्य का हिस्सा होने के नाते हमारी जिम्मेदारी होनी चाहिए कि लोगों में व्याप्त मानसिक बीमारी से संबंधित भ्रांतियों को मिटाए तथा उन्हें उचित सहायता प्रदान करें।
नोडल अधिकारी विनोद कुमार ने मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यक्रमों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। कहा कि ओपीडी में आने वाले मरीजों से मानवीय मूल्यों से भरा व्यवहार दिखाते हुए उनकी समस्याओं का समाधान करें। इस मौके पर एसीएमओ डॉ. केएनएम त्रिपाठी, डॉ. संजय बाबूू, डॉ. राजीव सिंह, डॉ. राहुल सिंह, डॉ. आर चन्द्र किशोर, डॉ. सुनील जायसवाल व डॉ. युसूफ खान आदि मौजूद रहे।