बाराबंकी। भारतबंद के समर्थन में जहांगीराबाद कस्बे में दुकानें बंद करवाकर प्रदर्शन करते भाकियू ?
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बाराबंकी। दिल्ली की सीमाओं पर करीब 10 माह से धरना देने के बावजूद सुनवाई नहीं हुई तो आक्रोशित किसान संगठनों ने सोमवार को भारत बंद कर अपनी ताकत दिखाने की चेतावनी दी थी। मगर, जिले में भारत बंद का असर सिर्फ किसान नेताओं के प्रदर्शन व ज्ञापन तक ही सीमित रहा। वास्तविक किसान हमेशा की तरह खेतों में काम करते दिखे। वहीं सड़कों पर वाहनों का आवागमन जारी रहा और बाजार भी गुलजार रहे। उधर, शहर से लेकर कस्बे, बाजार, हाइवे व रेलवे स्टेशन तक खाकी भी अलर्ट मोड में दिखी। तो प्रदर्शनकारी कई किसान नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।
कृषि कानून के विरोध में पिछले नवंबर से किसान नेता दिल्ली की सभी सीमाओं पर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। मगर, कृषि कानून वापस न लेने पर सरकार भी अड़ गई। वहीं राजनीति से परे प्रदर्शन होने की सोशल मीडिया पर आई खबरों को लेकर गांव का किसान भी आंदोलन व प्रदर्शन से किनारे हो गए। ऐसे में लंबे समय बाद भी सुनवाई न होने से नाराज किसान संगठनों ने सोमवार को अपनी ताकत दिखाने के लिए भारत बंद का एलान किया था। जिसमें ट्रेन रोकने से लेकर हाईवे जाम करने से लेकर बाजार तक बंद कराना था। इसको लेकर पुलिस व प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया। शहर से लेकर गांव तक के चौराहों पर जहां खाकी सक्रिय दिखी। हाईवे व रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे।
वहीं सक्रिय कुछ किसान नेताओं को पुलिस ने घरों में नजर बंद कर लिया। शहर में भाकियू टिकैत गुट के नेता राम बरन वर्मा की अगुवाई में कुछ किसान बेगमगंज स्थित नगर कार्यालय से जुलूस निकाल कर गन्ना संस्थान के धरना स्थल पर पहुंचे। जहां पुलिस ने उन्हें इसी ग्राउंड में रोक दिया। इसमें नगर अध्यक्ष मो. इस्माइल, कमालुद्दीन, विक्रांत सैनी व सनत आदि किसान नेता शामिल थे। वहीं अंबावता गुट के नेता राम नारायन यादव ने आम आदमी पार्टी के साथ मिलकर शहर में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। जिस पर पुलिस उन्हें ले जाकर गन्ना संस्थान परिसर में रोक दिया। सिरौलीगौसपुर में भाकियू के मंडल अध्यक्ष निसार मेंहदी की अगुवाई में किसानों ने तहसीलदार शशिकांत को अपना ज्ञापन सौंपा। हैदरगढ़ में किसान यूनियन के नेताओं ने हाईवे पर जुलूस निकाल कर पुरानी तहसील में धरने पर बैठे।
वहीं त्रिवेदीगंज के मंगलपुर में किसान नेताओं ने दुकान बंद कराने का प्रयास किया। तो पुलिस ने उन्हें एक स्थान पर बैठा दिया। असंद्रा थाना क्षेत्र में भाकियू धर्मेंद्र गुट के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने श्रीराम चौराहा व पठकनपुरवा में दुकानें बंद कराने का प्रयास किया। मगर, एसआई दीपेंद्र नाथ मिश्र ने ने भारी पुलिस बल के साथ पहुंचकर किसानों को हिरासत में ले लिया। जिसके बाद सकार विरोधी नारे लगाते हुए किसान देवीगंज के रास्ते असंद्रा थाने पहुंचे। इसमें यूनियन के प्रदेश महासचिव डीएनएस त्यागी, जिला अध्यक्ष माया राम यादव, उपाध्यक्ष नारायण बक्श सिंह, मो.यासिर, मंसाराम व साहेब शरण आदि मौजूद रहे। सिद्धौर में किसान नेताओं ने सूरजपुर फार्म दुरौंधा मोहम्मदपुर चंदी सिंह में दुकानें बंद कराईं। वहीं सड़कों पर बैठकर किसानों ने विरोध जताया। कुछ ऐसा ही हाल जिले के अन्य तहसील व ब्लॉक क्षेत्रों का रहा। भारत बंद को लेकर पुलिस ने पहले ही भाकियू के सक्रिय नेताओं को घरों में नजरबंद कर निगरानी की।