बाराबंकी। जिले में अभी भी करीब 45 अस्पताल और क्लीनिक ऐसे हैं जिन्होंने अपने लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं कराया है। इसके लिए इन्हें नोटिस भी जारी किए गए है। इसके बाद भी संचालकों ने अपने लाइसेंसों का नवीनीकरण कराना मुनासिब नहीं समझा और बेखौफ होकर अस्पताल और क्लीनिक का संचालन कर रहे हैं। ऐसेे लोगों के खिलाफ सीएमओ ने विधिक कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सभी अस्पताल संचालकों को 30 जुलाई तक अपने अस्पताल और क्लीनिक के लाइसेंस का नवीनीकरण करा लेना चाहिए था। इसके तहत 120 अस्पताल और क्लीनिक संचालक ऐसे हैं जिन्होंने अपने लाइसेंस का नवीनीकरण करा लिया है लेकिन अभी तक 45 संचालक ऐसे हैं जो नोटिसें जारी किए जाने के बाद भी अस्पताल और क्लीनिक के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं करा रहे हैं।
वह खुलेआम अपने अस्पतालों का संचालन कर रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा संख्या शहरी क्षेत्र की है। सूत्रों का कहना है कि ऐसे संचालकों को विभाग के ही कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों का खुला संरक्षण मिला हुआ जिसकी वजह से ये पूरी तरह से बेखौफ होकर अस्पताल और क्लीनिक का संचालन कर रहे हैं।
इस बाबत सीएमओ डॉ. रामजी वर्मा का कहना है कि ऐसे अस्पताल और क्लीनिक संचालकों को पूर्व में नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इसके बाद भी यदि इनके द्वारा लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं कराया जा रहा है तो ऐसे उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई करने के आदेश नोडल अधिकारी को दिए गए हैं।