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घोटाले के आरोपित सचिव को हटाया, तेज हुई जांच

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बाराबंकी। इंडिया मार्का हैंडपंप की मरम्मत और उसके रीबोर के नाम पर 30 लाख रुपये के घोटाले के मामले में हरख ब्लॉक के आरोपित सचिव को आखिरकार सीडीओ के निर्देश पर हटा दिया गया है। वहीं जांच अधिकारी डीपीआरओ और डीडीओ ने आरोपित सचिव से चार वर्षों में कराए गए विकास कार्यों के दस्तावेज तलब किए हैं। इसके लिए तीन दिन का समय दिया गया है। तय समय में दस्तावेज उपलब्ध न कराने आरोपी मनाते हुए घोटाले की राशि की रिकवरी के आदेश जारी किए जाएंगे।
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जिले के हरख ब्लॉक की ग्राम पंचायत जैनाबाद, वजीउद्दीनपुर, बरौली मलिक और बलछत में वर्ष 2019 व वर्ष 2020-21 में बड़े पैमाने पर हैंडपंपों की मरम्मत और रीबोर के नाम पर लाखों की राशि का फर्जी भुगतान कर घोटाला किया। जबकि हकीकत में अभी तक पंचायतों में कई हैंडपंप खराब पड़े हैं। हैंडपंप मरम्मत और रीबोर के नाम पर यहां करीब 30 लाख रुपये खर्च दिखाए गए हैं। जबकि यह राशि कुछ लोगों के व्यक्तिगत खाते व बरौली मलिक और एक अन्य व्यक्ति के नाम संचालित फर्म पर भेजी गई थी।
इसकी शिकायत मिलने के बाद सीडीओ एकता सिंह ने डीडीओ अजय पांडेय और डीपीआरओ रणविजय सिंह को जांच सौंपी है। जांच प्रभावित न हो इसके लिए सीडीओ के निर्देश पर डीडीओ ने पंचायत सचिव रामानंद को हटाकर हैदरगढ़ ब्लॉक भेज दिया है। वहीं, मंगलवार को सचिव से चार वर्षों के दौरान ग्राम पंचायतों में कराए गए कार्यों के सभी दस्तावेज तलब किए गए हैं।
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इस बाबत सीडीओ एकता सिंह ने बताया कि हरख ब्लॉक में हैंडपंप व मरम्मत के नाम गड़बड़ी करने की शिकायत मिली थी। जिसकी जांच कराई जा रही है। इस मामले में दोषियों को बक्शा नहीं जाएगा। हालांकि सचिव को हरख ब्लॉक से ही हटा दिया गया है।
जांच हो तो हैंडपंप मरम्मत में करोड़ों के घोटाले से उठेगा पर्दा
पूरे जिले में हैंडपंप की मरम्मत व रिबोर के नाम पर लंबा खेल किया गया है। लाखों नहीं करोड़ों की राशि इस काम पर खर्च कर दी गई। मगर, हालत जस के तस है। इसकी गवाही पंचायतों में काफी समय से खराब पड़े हैंडपंप दे रहे हैं। जबकि कागजों पर इनकी मरम्मत व रिबोर कर पूरे जिले में करोड़ों की राशि डकार ली गई।
हरख तो महज बानगी है। अगर, जिले में इंडिया मार्का हैंडपंप की मरम्मत व रिबोर कार्य की पारदर्शी जांच कराई जाय तो अब तक के सबसे बड़ा घोटाला ही सामने नहीं होगा। बल्कि सचिव से लेकर कई बड़े अधिकारी भी इसकी जद में होंगे।
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