फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरयू नदी का जलस्तर घटा, बाढ़ पीड़ितों ने शुरू की घर वापसी

विज्ञापन
विज्ञापन
कोटवाधाम (बाराबंकी)। सरयू नदी का पानी तेजी से घट रहा है। नदी के घटते जलस्तर के साथ ही तटबंध पर रह रहे बाढ़ पीड़ितों की गांव वापसी भी शुरू हो गई है। लेकिन नदी का पानी अभी भी खतरे के निशान से 23 सेमी. ऊपर बह रहा है। नदी का जलस्तर घटने के साथ ही कटान का खतरा बढ़ गया है लेकिन बाढ़ खंड के अधिकारी इसको लेकर जरा भी गंभीर नहीं दिखाई दे रहे हैं।
विज्ञापन

सरयू का जलस्तर रविवार को सुबह से तेजी घटा। जिसके चलते लोग बांध से घर वापसी करने लगे हैं। हालांकि तहसील प्रशासन अभी भी अलर्ट मोड पर है। जलस्तर घटने के साथ ही कटान का खतरा बढ़ने लगा है। सनावा गांव के करीब एक धान के खेत में नदी का पानी तेजी से कटान करने लगा है।
जैसे-जैसे नदी का जलस्तर कम होता जाएगा वैसे वैसे कटान तेज होती जाएगी। लेकिन विभागीय अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। शनिवार को सीडीओ एकता सिंह के निरीक्षण के बाद अलीनगर रानीमऊ तटबंध पर मोबाइल टॉयलेट, स्टीमर व प्रकाश की व्यवस्था की गई।
विज्ञापन

तहसील के सभी लेखपालों की ड्यूटी बांध पर लगा दी गयी है। वहीं सनावा, टेपरा, कहरनपूरवा, भयकपुरवा, सरायसुर्जन, बघौलीपुरवा, तेलवारी, कोठीडीहा, सिरौलीगूंग, बबुरी, ढेकवा, गोबरहा, माफी, सरदाहा, मनीरामपुरवा, विहड़, इटहुआपूर्व, भैरवकोल व नदी के उस पार बसे मझरायपुर, नव्वनपुरवा, परसवाल, नैपुरा आदि गांव के संपर्क मार्ग अभी भी पूरी तरह से बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं।
लोग नाव से आ जा रहे हैं। बाढ़ का पानी कम होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने गांवों में दवाओं का छिड़काव शुरू करा दिया है। एसडीएम सिरौलीगौसपुर सुरेन्द्र पाल विश्वकर्मा ने बताय कि बाढ़ का पानी तेजी से घट रहा है एक-दो दिन में हालत सामान्य हो जाएंगे। सभी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। बाढ़ में प्रभावित सभी गांव के लोगों को लंच पैकेट का वितरण कराया जा रहा है।
तीन गांवों के पास नदी ने शुरू की कटान
नदी का जलस्तर जैसे ही कम हुआ वैसे ही नदी ने तेजी से कटान करना शुरू कर दिया है। नदी के किनारे बसे सनावा, कहरनपुरवा और गोबरहा गांव के पास कटान शुरू हो गई है। नदी अभी लोगों की खड़ी धान गन्ना की फसल में कटान कर रही है। जैसे-जैसे नदी का पानी कम होता जाएगा वैसे ही नदी की कटान तेज होती जाएगी, इससे निपटने की तैयारी भी बाढ़ खंड नहीं कर सका है।
दस साल बाद शोभादास मंदिर पहुंचा बाढ़ का पानी
सरदाहा गांव में स्थित समर्थ सांई जगजीवनदास साहेब के ज्येष्ठ पुत्र शोभादास की समाधि स्थल पर जो सरदाहा गांव के बाहर स्थित है। यहां पर इस बार लगभग दस वर्ष बाद बाढ़ का पानी पहुंचा। यहां के लोगों का कहना है कि इससे पहले दस साल पहले आयी बाढ़ से मंदिर डूबा था। इस बार बाढ़ में बाबा का मंदिर व परिसर बाढ़ के पानी में पूरी तरह से डूबा है।
विधायक ने ट्रैक्टर से किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा
सिरौलीगौसपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र भैरवकोल सरायसुर्जन, टेपरा आदि गांव का निरीक्षण दरियाबाद के विधायक सतीशचंद्र शर्मा ने ट्रैक्टर-ट्रॉली से दौरा किया। साथ में बाढ़ पीड़ितों से मिलकर उनकी समस्या जानी। लोगों ने अपनी समस्या विधायक से बताई तो विधायक ने कहा कि सभी फसलों और गांव का नुकसान का मुआवजा एक हफ्ते के अंदर दिया जाएगा। सभी लेखपाल, राजस्व निरीक्षक की ड्यूटी पानी कम होने के बाद तुरंत गांव में खराब हुई फसलों का सर्वे करने में लगा दी जाएगी। इस मौके पर चेयरमैन जगदीश प्रसाद गुप्ता, सत्यम बाजपेई, विनोद सिंह, स्वतंत्र सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें