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वित्तीय वर्ष के समापन पर पास हुए 270 करोड़ के दो हजार बिल

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बाराबंकी। वित्तीय वर्ष के समापन पर जिले के विभिन्न विभागों के करीब 270 करोड़ के दो हजार बिल पास किए गए। इसे लेकर अंतिम दिन सरकारी दफ्तरों में व्यस्तता भरा माहौल रहा। बैंकों में भी क्लोजिंग का असर देखा गया। बैंक देर रात तक खुले रहे। स्वास्थ्य, शिक्षा, विकास, नगर विकास, लोक निर्माण, पंचायतीराज, विभाग के कार्यालयों में सुबह से शाम तक अधिकारियों व बाबुओं की टेबल पर फाइलों का अंबार लगा रहा। महीनों से पेंडिंग पड़े बिलों को भी चंद घंटों में ही निपटा दिया गया।
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स्वास्थ्य विभाग में अंतिम दिन से पहले ही सारा हिसाब किताब पूरा कर लिया गया था। एनएचएम में नया बजट मिलने की उम्मीद मगर सीएमओ डॉ. रामजी वर्मा ने बताया कि कोई बजट नहीं मिला है। सिंचाई विभाग में अंतिम दिन नहर की संरचनाओं की मरम्मत के लिए 77 लाख का बजट आवंटित हुआ। अधिशासी अभियंता राकेश वर्मा ने बताया कि यह काम पहले ही पूरा कर लिया गया था।
देर शाम जिला कोषाधिकारी मनोज तिवारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 के समापन पर 270 करोड़ के करीब दो हजार बिलों का निस्तारण किया गया है। श्री तिवारी के अनुसार, अंतिम दिन गुरुवार को 55 करोड़ के 650 बिल पास किए गए। उधर, वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन बैंकों में भी कर्मचारी पूरा दिन फाइलों से जूझते नजर आए। मुख्य ब्रांचों में हिसाब किताब को लेकर कर्मचारी कम्प्यूटर पर दिनभर व्यस्त रहे।
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लघु सिंचाई व शिक्षा विभाग का करोड़ों रुपया वापस
बाराबंकी। कुछ विभागों का करोड़ों रुपया लैप्स हो गया है। लघु सिंचाई विभाग का दो करोड़ रुपया खर्च न होने से सरेंडर कर दिया गया है। इस रकम से बोरिंग योजना के लाभार्थियों को अनुदान दिया जाना था। इसकी 60 प्रतिशत रकम कई महीने पहले मिली थी जबकि शेष रकम इसी मार्च में मिलने से कागजी कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी थी।
सहायक अभियंता लघु सिंचाई संदीप मौर्या ने दो करोड़ की रकम वापस करने की पुष्टि की है। इसी तरह से माध्यमिक शिक्षा विभाग ने पांच राजकीय हाईस्कूल के निर्माण शुरू करने के लिए आया 90 लाख रुपया वापस कर दिया है। करीब एक दशक पहले की दर से इन विद्यालयों के निर्माण कराने को कार्यदाई संस्थाएं तैयार नहीं हुई। प्रत्येक राजकीय हाईस्कूल के 10 कमरों वाले भवन पर 69.51 लाख रुपये की लागत से बनाया जाना था। पहली किस्त के रुप में 90 लाख रुपये मिले थे।
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