बाराबंकी। कभी अवैध शराब बनाने में जाना जाने वाला सूरतगंज ब्लॉक का चैनपुरवा गांव अब एक नई पहचान बना चुका है। पहले जहां इस गांव की महिलाएं शराब बनाती थीं। वहीं महिलाएं अब गोबर और मधुमक्खी के मोम से दीये तैयार कर एक नए रूप में सामने आईं हैं। दीपावली को लेकर शनिवार को सीडीओ एकता सिंह ने विकास भवन परिसर से ‘दीपक ऑन व्हील’ वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वाहन लखनऊ में जाकर लोगों को सस्ते दरों पर प्रदूषण रहित यह विशेष दीये उपलब्ध कराएगा।
इस दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के उपायुक्त बीके मोहन ने बताया कि इस वाहन में गांव की ही दो महिलाओं को बैठाकर गोबर और मधुमक्खी के मोम से तैयार इन विशेष दीपों की बिक्री करेंगी। उन्होंने बताया कि खास बात यह है कि प्रशिक्षण प्राप्त कर महिलाओं द्वारा तैयार इन दीपों के जलाने से कोई हानिकारक गैस नहीं पैदा होगा और न ही कालिमा छोड़ेगी बल्कि लंबे समय तक अत्यधिक प्रकाश देंगे।
श्री मोहन ने सीडीओ को अवगत कराया कि दीपावली को लेकर अभी तक उत्तराखंड, दिल्ली, गुजरात, बिहार, महाराष्ट्र समेत कई कॉर्पोरेट कंपनियों से भी दीपों के ऑर्डर मिलने लगे हैं। जिससे इन महिलाओं की आमदनी भी बढ़ने लगी है। वाहन रवानगी के मौके पर एनआरएलएम की जिला मिशन प्रबंधक जकिया बानो, लक्ष्मी वर्मा, उर्मिला सिंह, अखिलेश यादव आदि मौजूद रहे।