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जिला पंचायत में भ्रष्टाचार पर भड़के किसान

Fri, 29 Jul 2016 11:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
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कमीशनखोरी के खिलाफ किसानों ने खोला मोर्चा - फोटो : अमर उजाला
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जिला पंचायत में व्याप्त भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी व अन्य समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर किसानों ने मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को किसानों ने जिला पंचायत कार्यालय परिसर में धरना देकर जोरदार हुंकार भरी।
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किसानों ने कहा कि जब तक उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं किया जाता है तब तक एक भी किसान धरना स्थल से हटेगा नहीं। बाद में जिला पंचायत अध्यक्ष के अश्वासन के बाद देर शाम धरना समाप्त कर दिया गया। धरना दे रहे किसानों ने मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री को भेजा है। 

भाकियू के प्रांतीय महासचिव और जिला पंचायत सदस्य मुकेश सिंह का आरोप है कि जिला पंचायत में इससे पहले 10 लाख के कार्य की स्वीकृति देने पर कोई कमीशन नहीं लिया जाता था। लेकिन जब से निजाम बदला है तब से 10 लाख के कार्यों की स्वीकृति देने के लिए 4 से 5 प्रतिशत तक कमीशन लिया जा रहा है।
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जिला पंचायत में पूरी तरह से लूट खसोट मची हुई है। आरोप लगाते हुए कहा कि कैबिनेट मंत्री के भाई ही जिला पंचायत अध्यक्ष हैं और वह जब इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं तो कार्य की गुणवत्ता किस प्रकार की होगी इसका अनुमान आसानी से लगाया जा सकता है। कहा कि जिले में ऐसी ग्राम पंचायत आज भी है जहां पर न तो नाली है और न ही खड़ंजा लगा हुआ है।

गांव के लोग गड्ढा खोदकर घरों का गंदा पानी भरते हैं और दूसरे दिन वहीं पानी दूर ले जाकर फेंकते हैं। कहा कि सिल्हौरघाट पर बने पुल पर अवैध रूप से वसूली हो रही है और आश्वासन देने के बाद भी ऐसा करने वालों पर कार्रवाई नहीं की गई। किसानों पर लगे फर्जी मुकदमे आज तक वापस नहीं लिए जा सके।

बेमौसम बारिश से जो फसलों को नुकसान हुआ था उसका मुआवजा ज्यादातर किसानों को नहीं मिला है। दरियाबाद गन्ना समिति पर किसानों को 47 लाख रुपया बकाया है जिसका भुगतान नहीं कराया जा रहा है। इस मौके पर भाकियू जिलाध्यक्ष अनिल वर्मा, लायक राम यादव, दिनेश कुमार, रामसेवक, हौसिला प्रसाद, अनुपम वर्मा, डॉ. राम सजीवन आदि मौजूद रहे।

वार्ता के बाद समाप्त हुआ धरना
भाकियू के प्रांतीय महासचिव मुकेश सिंह के साथ आए प्रतिनिधि मंडल से वार्ता की गई। किसानों की जो समस्याएं थीं उनके निराकरण का आश्वासन दिया गया है। जिला पंचायत में 10 लाख तक कार्य कराने की स्वीकृति पर को कमीशन नहीं लिया जाएगा और यदि कोई अधिकारी और कर्मचारी ऐसा करता है तो उसके खिलाफ जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। जिस पर धरना दे रहे किसान मान गए और धरना समाप्त कर दिया। -अशोक कुमार सिंह, अध्यक्ष जिला पंचायत 
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