बाराबंकी। गांवों में रहने वाले लोगों को पीने के लिए शुद्ध जल मिल सकेगा। जलजीवन मिशन के तहत हर घर जल योजना शुरू करने की तैयारी है। इसके तहत पहले चरण में 116 गांवों को चिह्नित किया गया है। इन गांवों के लोगों को टंकी से पानी की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए करीब चार अरब रुपये खर्च किए जाएंगे। गांवों में काम शुरू कराने के लिए डीपीआर बनाकर शासन को भेजा गया था जिनमें से 22 गांवों में कार्य करने की स्वीकृत भी शासन से मिल चुकी है।
केंद्र सरकार ने प्रत्येक गांव में घर-घर पानी पहुंचाने की योजना शुरू की है। जलजीवन मिशन के तहत हर घर जल योजना की शुरुआत प्रदेश के बुंदेलखंड इलाके में हो भी चुकी है। अब बाराबंकी जिले में भी यह काम होने जा रहा है। जिले में 1161 ग्राम पंचायतें व पंद्रह ब्लॉक हैं। पहले चरण में प्रत्येक ब्लॉक से मिलाकर कुल 116 ग्राम पंचायतों को इस योजना के लिए चयनित किया गया है। ये बड़ी आबादी वाले गांव है। इससे करीब तीन लाख से ज्यादा ग्रामीण आबादी को पेयजल योजना का लाभ मिल सकेगा।
प्रत्येक गांव पर इस काम के तहत करीब तीन से चार करोड़ रुपये खर्च होंगे। पहले चरण में इस पर करीब चार सौ करोड़ रुपये जिले में खर्च करने की तैयारी है। इनमें ज्यादातर ऐसे गांव हैं जहां पानी की समस्या रहती है। सरयू नदी के किनारे बसे तराई के गांवों को प्राथमिकता दी जा रही है। पहले फेज का काम शुरू होने के बाद दूसरे व तीसरे फेज में अन्य ग्राम पंचायतों में यह काम हो सकेगा।
जलजीवन मिशन की इस योजना के तहत चार काम होने हैं। इनमें गांवों में पाइप लाइन बिछाना, पंप हाउस बनाना, बाउंड्रीवाल का निर्माण व टंकी बनाने के साथ वहां सोलर पैनल लगना। इसी काम के लिए यह रकम खर्च की जाएगी। पंप हाउस की संख्या गांव की आबादी पर ही आधारित की जाएगी। प्रति व्यक्ति एक दिन में करीब 65 लीटर पानी मिल सके, इसी को ध्यान में रखकर यह काम हो रहा है।
सीडीओ एकता सिंह ने बताया कि जलजीवन मिशन के तहत हर घर जल योजना की जिले में शुरुआत होने जा रही है। पहले फेज में इसके तहत 116 ग्राम पंचायतों का चयन हुआ है। इनमें से 22 गांवों में काम की स्वीकृति भी मिल चुकी है। जल्द ही इस काम को शुरू कराया जाएगा। इससे ग्रामीण इलाके में रहने वाले लोगों को काफी सहूलियत होगी।