बाराबंकी। वित्तीय वर्ष समाप्त होने वाला है मगर जिले में कक्षा एक से 8 तक के एक लाख नौनिहालों को यूनिफॉर्म, स्वेटर, जूता-मोजा व स्कूली बैग खरीदने के लिए उनके अभिभावकों के खाते में अभी तक रकम नहीं भेजी जा सकी है। इनमें परिषदीय विद्यालयों के अलावा सहायता प्राप्त विद्यालय भी शामिल हैं।
विभाग की माने तो करीब 10 हजार बच्चों का मामला जिले स्तर पर तो करीब 90 हजार बच्चों के अभिभावकों को रकम भेजे जाने की प्रक्रिया शासन स्तर पर लंबित है। जिस पर काम चल रहा है। दिलचस्प बात यह है कि अब जब गर्मी का मौसम शुरू हो गया है तो स्वेटर का पैसा आने का इंतजार किया जा रहा है। इस व्यवस्था पर अभिभावक भी दंग हैं।
शासन ने कक्षा एक से 8 तक संचालित परिषदीय विद्यालयों के अलावा सहायता प्राप्त विद्यालयों के बच्चों को यूनिफॉर्म, स्वेटर, जूता-मोजा, स्कूल बैग आदि की रकम सीधे अभिभावकों के खाते में देने का प्रावधान किया था। इसके बाद स्कूलों में अभिभावकों के बैंक खाता और आधार नंबर मांगे गए थे। यह प्रक्रिया इसी शिक्षा सत्र में शुरू हुई थी।
हर बच्चे के लिए 1100 रुपये निर्धारित किए गए थे। जिले के बेसिक शिक्षा विभाग ने 30 सितंबर 2021 की छात्र संख्या के आधार पर 4 लाख 10 हजार 912 बच्चों के अभिभावकों को खाते में रकम देने का लक्ष्य निर्धारित किया था। इनमें कक्षा 1 से 8 तक के परिषदीय विद्यालयों के अलावा सहायता प्राप्त स्कूलों के बच्चे भी शामिल हैं।
इनमें से अब तक 3 लाख 6381 बच्चों के अभिभावकों के खाते में रकम भेजे जाने का दावा विभाग कर रहा है। ऐसे में साफ जाहिर है कि अभी जिले के एक लाख से अधिक नौनिहालों की रकम भेजा जाना शेष है। विभाग का कहना है कि इनमें से केवल 10 हजार बच्चों का मामला जिले स्तर पर लंबित है क्योंकि इनमें संदिग्ध बच्चे के अलावा आधार या खाते में कोई गड़बड़ी के कारण पैसा नहीं भेजा जा सका है।
जिसे अपडेट किया जा रहा है। जबकि बाकी 90 हजार बच्चों को लेकर शासन स्तर पर प्रक्रिया चल रही है। यह विडंबना है कि मार्च का महीना चल रहा है। ठंड का मौसम बीत चुका है मगर भारी संख्या में नौनिहालों को राशि मिलना शेष है। बीएसए अजय कुमार सिंह कहते हैं कि खातों में रकम भेजे जाने को लेकर तेजी से काम चल रहा है। जो कमियां हैं उन्हें दूर किया जा रहा है। जल्द ही सभी के खाते में पैसा पहुंच जाएगा।