बाराबंकी। ऑनलाइन-ऑफलाइन प्रक्रिया में जिले का किसान उलझकर रह गया था और धान खरीद पटरी से उतर गई थी। समस्या इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि किसानों के धान की तौल नहीं हो पा रही थी। सोमवार को कई केंद्रों पर पहले तौल कराने को लेकर किसान आपस में भिड़ गए। इसके चलते कई केंद्रों पर धान की खरीद बंद रही। क्रय केंद्र प्रभारियों ने जिला खाद्य विपणन अधिकारी से मिलकर समस्या से अवगत कराया। वहीं किसानों की समस्या को देखते हुए शासन ने ऑनलाइन टोकन व्यवस्था को निरस्त कर दिया है और ऑफलाइन टोकन पर ही धान की खरीद करने का आदेश जारी किया है।
जिले में एक नवंबर से शुरू हुई धान खरीद अभी तक ऑफलाइन टोकन के जरिए की जा रही थी। लेकिन शुक्रवार को शासन ने आदेश जारी कर ऑफलाइन जारी टोकन निरस्त करते हुए कहा कि अब सिर्फ ऑनलाइन टोकन वाले किसानों का ही धान तौला जाएगा। शासन के इस आदेश के बाद ऑफलाइन टोकन वाले किसानों में हड़कंप मच गया।
सोमवार को नवीन मंडी, सफदरगंज मंडी, फतेहपुर, दरियाबाद, कुर्सी, सूरतगंज, रामनगर, भिटरिया आदि केंद्रों पर ऑनलाइन और ऑफलाइन टोकन वाले किसान धान लेकर पहुंच गए और पहले तौल कराने को लेकर आपस में ही भिड़ गए। क्रय केंद्र प्रभारियों ने किसानों को समझाने का काफी प्रयास किया लेकिन बात नहीं बन सकी।
इस पर कई केंद्रों को धान की खरीद बंद करनी पड़ी। केंद्र प्रभारियों ने जिला खाद्य विपणन अधिकारी को पूरी समस्या से अवगत कराते हुए समस्या के निराकरण कराने की मांग की। वहीं शासन ने किसानों की समस्या को देखते हुए ऑनलाइन टोकन व्यवस्था को निरस्त कर ऑफलाइन पर ही खरीद का आदेश दिया है।
इस मौके पर वरिष्ठ विपणन अधिकारी आलोक रंजन, अनूप वर्मा, राजीव सिंह, गायत्री मौर्या, गीता कुलश्रेष्ठ, निशा वर्मा, विवेकानंद, सौरभ श्रीवास्तव, आलोक श्रीवास्तव, रामप्रकाश, जीत सिंह, प्रमोद कुमार, पीएन मौर्या आदि मौजूद रहे।
ऑनलाइन टोकन को शासन ने निरस्त कर दिया है और ऑफलाइन व्यवस्था पर ही खरीद करने के आदेश दिए हैं। शासन से मिले इस आदेश से सभी केंद्र प्रभारियों को अवगत करा दिया गया है, मंगलवार से ऑफलाइन टोकन के आधार पर धान की खरीद करने के निर्देश दिए गए हैं।
-रमेश कुमार, जिला खाद्य विपणन अधिकारी