बाराबंकी। डेंगू के जिस तेजी के साथ मरीज मिल रहे हैं उससे लोगों में दहशत का माहौल है। शुक्रवार को जिले में सात नए मरीज मिलने से हड़कंप मच गया है। हालांकि परिवारीजनों ने हालत गंभीर होने पर जांच के लिए लखनऊ के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया है। लेकिन विभाग इस रोग के प्रति गंभीर नजर नहीं आ रहा है। तभी तो जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी तक डेंगू जैसी बीमारी से निपटने के कोई इंतजाम नहीं हैं। वहीं मौसम में आए बदलाव की वजह से जिला अस्पताल में मरीजों की खासी भीड़ जुट रही है।
लखपेड़ाबाग निवासी मनीष सिंह, उर्मिला सिंह चौहान, रेखा मिश्रा, कविता देवी, राम कुुमार कश्यप और फतहाबाद निवासी दिलीप कुमार और अजय की हालत में सुधार न होने पर परिवारीजनों ने निजी पैथालॉजी में जांच कराई तो डेंगू की पुष्टि हुई। इस पर परिवारीजन इन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। वहां से लखनऊ रेफर किया गया है। परिवारीजनों ने बताया कि हालत में सुधार न होने पर निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मगर स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है और प्लेटलेट्स लगातार गिरते ही जा रहे हैं।
जबकि जिले के अस्पतालों में इस रोग से निपटने के कोई इंतजाम तक नहीं है। जिससे लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। निजी अस्पताल और पैथालॉजी संचालक इसका जमकर फायदा उठा रहे हैं। ये इलाज व जांच के नाम पर मोटी रकम वसूल रहे हैं। जिससे मरीजों के तीमारदार खासे परेशान हैं। वहीं मौसम में आए बदलाव की वजह से जिला अस्पताल में वायरल बुखार के मरीजों की संख्या एक बार फिर से बढ़ने लगी है।
संक्रामक रोगों की रोकथाम और डेंगू से बचाव के लिए लोगों को बराबर जागरूक किया जा रहा है। संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिले में अभियान भी चलाया जा रहा है। डेंगू की जांच की सुविधाएं तो सभी जगह पर हैं। सीएचसी पर आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इस बात के निर्देश सभी सीएचसी अधीक्षकों को दिए गए हैं।
-डॉ. रामजी वर्मा, सीएमओ