दस दिन पहले एसडीएम के ड्राइवर से मामूली विवाद के बाद गायब हुए रिक्शा चालक का शव मिलने से ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया। परिवारीजनों को शव न दिखाने और डांट कर भगाने पर मामला इतना बिगड़ा कि पहले लोगों ने कोतवाली घेरी फिर हाईवे जामकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी हत्या के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहरा रहे थे। हालात काबू करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया जिससे कई लोग चोटिल हो गए। इसके विरोध में व्यापारियों ने पूरा बाजार बंदकर प्रदर्शन शुरू कर दिय। हालात बेकाबू होते देख भाजपा जिलाध्यक्ष, विधायक व सांसद लल्लू सिंह मौके पर पहुंच गए। देर शाम तक मौके पर भीड़ डटी हुई थी कई थानों की पुलिस और पीएसी तैनात थी।
रामसनेहीघाट कोतवाली क्षेत्र के सुमेरगंज कस्बा निवासी रवि कुमार उर्फ गुड्डू रावत(22) ई-रिक्शा चलाकर जीवन यापन कर रहा था। बीते दस अगस्त को रवि की एसडीएम के चालक राजेंद्र से कहासुनी हुई थी जिस पर राजेंद्र ने धमकी दी थी। उसी दिन शाम से रवि घर नहीं पहुंचा। परिवारीजनों ने अपहरण की तहरीर देकर हत्या की आशंका जताई थी पर पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की थी। परिवारीजनों ने दो दिन बाद फिर एसडीएम रामसनेहीघाट के वाहन चालक राजेंद्र पर रवि के अपहरण व हत्या किए जाने का आरोप का दूसरा प्रार्थना पत्र दिया था लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
इस बीच सोमवार को रवि का शव कल्यानी नदी में गोकुला पुल के पास से बरामद हुआ। सूचना पर परिवारीजन पहुंचे तो पुलिस ने उन्हेें कपड़ा दिखाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस पर लोग भड़क गए व पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कोतवाली का घेराव कर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। इस बीच पहुंची पुलिस ने लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर जमकर लाठी चलाई जिसमें कई लोग चोटिल हुए।