संतान पैदा करने के नाम पर महिलाओं के साथ संबंध बनाकर शारीरिक शोषण करने वाले बाबा परमानंद को जेल की सलाखों के पीछे नींद ही नहीं आ रही है। मंगलवार को जेल पहुंचे बाबा को वहां पर बैरक नंबर 13 बी में आम बंदियों के बीच रखा गया है।
यहां पर बाबा ने पहली रात बैठकर ही गुजारी। मखमल के चद्दर पर सोने के शौकीन बाबा को अब जेल की फर्श नसीब हुई है। रात में समय काटने के लिए बाबा पूरी रात करवटें बदलते रहे। बुधवार सुबह भी बाबा बैरक से बाहर नहीं निकले और पूरे दिन अंदर ही गुमसुम से बैठे रहे।
बेडरूम से लेकर बाथरूम तक में लगी एसी में रहने वाले बाबा परमानंद का जेल में बहुत खराब हाल है। जेल में आम बंदियों की तरह रखे गए बाबा व उनके शिष्य अरविंद अपने में ही खोए रहे।
एसी कमरे, लग्जरी कार, रात में सोने के लिए मखमल के गद्दे, देखरेख के लिए नौकर, चाकर व खाने के लिए अच्छे अच्छे पकवान व फल फ्रूट के आदि बाबा को अब जेल की सूखी रोटी व दाल ही नसीब हो रही है।
लंबे समय से अपना साम्राज्य कायम किए बाबा परमानंद इस समय अर्श से फर्श पर आ पहुंचे है। जहां बाबा से मिलने के लिए लोगों को कई घंटे तक इंतजार करना पड़ता था वहीं बाबा अब लोगों से अपना मुंह छिपाते नजर आ रहे है।
जिला कारागार में बैरक नंबर 13 बी में आम बंदियों के बीच रखे गए बाबा पूरी रात गर्मी से परेशान दिखे। बैरक में लगे पंखों की हवा बाबा को नागवार लग रही थी एसी में रहने वाले बाबा यहां पर रात भर जागते रहे और बैठ कर ही पूरा समय काटा। वक्त जल्दी निकले इसके लिए बाबा रात भर हनुमान चालीसा व अन्य भक्ति गीतों को गुनगुनाता रहा।
बाबा परमानंद को रात में जेल में खाने के लिए दाल रोटी दी गई थी। यहां पर बाबा ने एक रोटी व दाल खाई। इसके बाद बाबा रात भर ऐसे ही बैठे रहे। मिनरल वाटर पीने के शौकीन बाबा को जेल में सादा पानी पीकर ही रहना पड़ा। बाबा ने बुधवार सुबह खाने के लिए चाय व बिस्कुट मांगे उसके बाद पूरे दिन बिना कुछ खाए पिए ही जेल की बैरक में बैठे रहे।
जेल में बंद बाबा परमानंद की करतूतों का किस्सा सुनने वाले बंदी, कैदी अब उनसे मिलने के लिए खासे उत्साहित है। जेल की बैरकों में लगे टेलीविजन में न्यूज चैनलों पर बाबा की खबरें आने के बाद बंदी, कैदी बाबा की तलाश ही करते रहे। हालांकि जेल प्रशासन ने बाबा से किसी को मिलने नहीं दिया।
जेल अधीक्षक आलोक सिंह ने बताया कि बाबा परमानंद को जेल की बैरक नंबर 13 बी में रखा गया है। बाबा ने रात मेें दाल-रोटी व दिन में चाय व बिस्कुट खाने के लिए लिया है। बाबा जेल में आम बंदियों की तरह ही रहेंगे।