बाराबंकी। लेखपाल के मुंशी की पिटाई के बाद दर्ज मुकदमे से आक्रोशित वकीलों ने लेखपाल पर पिस्टल से फायर करने का आरोप लगा शनिवार को जमकर उपद्रव किया। सदर तहसील में तोड़फोड़ कर दो लेखपालों समेत पांच की पिटाई की और सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। पुलिस ने वकील की तहरीर पर लेखपाल पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर मामले को शांत कराने का प्रयास किया।
मगर, इसके बाद भी वकीलों का आक्रोश शांत नहीं हुआ। यह देख पुलिस व प्रशासन के अधिकारी एसडीएम कक्ष में जाकर दुबक गए। इस बीच करीब चार घंटे तक शहर के हाईवे पर चले विरोध प्रदर्शन से जाम लग गया। सूचना पर जब डीएम-एसपी पहुंचे तो मामला शांत हुआ।
दो दिन पहले अधिवक्ता अनुराग व धर्मेंद्र वर्मा की ओबरी के लेखपाल चंद्रसेन कनौजिया के मुंशी से कहासुनी हो गई थी। जिस पर मुंशी दीपक कुमार की तहरीर पर अधिवक्ता अनुराग समेत अज्ञात के खिलाफ नगर कोतवाली में मारपीट का केस दर्ज किया था। इससे आक्रोशित वकील शनिवार को सदर तहसील पहुंचे। जहां पर वकीलों ने लेखपाल पर पिस्टल से फायर कर दौड़ाने का आरोप लगाया। इसका विरोध शुरू हुआ तो सैकड़ों की संख्या में पहुंचे वकीलों ने लेखपाल को पीट दिया। फिर रोड जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
सूचना मिलते ही एडीएम राकेश सिंह, एएसपी मनोज पाण्डेय, एसडीएम सुमित यादव व सीओ सिटी सीमा यादव ने वकीलों से तहरीर लेकर केस दर्ज करने का आश्वासन दिया। तो वकील एफआईआर की कॉपी की मांग करने लगे। इस पर पुलिस ने लेखपाल पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया।
इसके बाद वकीलों ने दोबारा तहसील में पहुंचकर बरेठी के लेखपाल संदीप श्रीवास्तव समेत तीन की पिटाई कर तोड़फोड़ की। तहसील के बरामदे में रखे गमले तोड़े व बाइकों को भी क्षतिग्रस्त किया। आननफानन घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया और पीएसी भी बुलानी पड़ी।
सूचना पर डीएम डॉ. आदर्श सिंह व एसपी अनुराग वत्स मौके पर पहुंचे और कोतवाल समेत मौजूद पुलिस अधिकारियों को फटकार लगाई। इसके बाद प्रशासन की सख्ती देख मामला शांत हुआ। हालांकि देर शाम डीएम ने तहसील में अराजकता फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई का अधिकारिक बयान दिया, फिर भी घायल लेखपालों की तहरीर पर केस दर्ज नहीं किया।
यातायात परिवर्तित होने के बाद मिली राहत
सदर तहसील में विवाद के दौरान अधिवक्ताओं के सड़क जाम कर प्रदर्शन के बाद पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। कई थानों की पुलिस फोर्स व पीएसी बुलाई गई। मगर, आने-जाने वालों से अभद्रता को देख पुलिस ने देवा तिराहे व डीएम आवास के पास बैरियर लगाकर आवागमन बंद कर दिया।
इसके बाद लंबा जाम लग गया। जिस पर नाका सतरिख व देवा की ओर से आने वालों को सिविल लाइन चौराहे से होकर एसपी आवास के सामने से ओबरी होकर तो लखनऊ की ओर से आ रहे वाहनों को आवास विकास होकर निकाला गया। इसके बाद जाम में फंसे लोगों ने राहत की सांस ली।
सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई घटना
सदर तहसील में हुए अधिवक्ता व लेखपाल के बीच विवाद व मारपीट की पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई। जिसकी फुटेज जहां सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुई। वहीं अधिकारियों ने सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की बात कही। मारपीट की घटना के बाद लेखपाल व कर्मचारी तहसील छोड़कर भाग गए। वह दूर खड़े होकर पूरी घटना पर नजर बनाए थे। दो लेखपालों के घायल होने की सूचना के बाद जिला अस्पताल में लेखपालों की भीड़ जुट गई।
मायूस लौटे फरियादी
पूरे दिन तहसील परिसर व बाहर हाईवे पर चले हंगामे को लेकर फरियादियों को मायूस लौटना पड़ा था। जो फरियादी तहसील पहुंच गए थे वह मौके के हालात देख जान बचाकर भाग निकले। वहीं बाद में आने वालों को पुलिस ने वापस कर दिया। जबकि तीन दिन पहले अधिवक्ताओं ने तहसील के एक लिपिक पर आरोप लगाते हुए एसडीएम कक्ष के सामने प्रदर्शन किया था।
इस पर मामले की जांच कराने के एसडीएम के आश्वासन पर वकील मानें। वहीं अधिवक्ता अखिलेश श्रीवास्तव पर कार्रवाई करने का पत्र एसडीएम ने जिला बार को भेज कार्रवाई की सिफारिश की थी। जिस पर अधिवक्ता से स्पष्टीकरण मांगा गया था।
लेखपाल चंद्रसेन द्वारा अधिवक्ता धर्मेंद्र वर्मा को मारने-पीटने व जान से मारने की धमकी देने व असलहा तानकर फायर करने के मामले में नगर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज हुई है। जानकारी में आया कि इसके बाद भी कुछ लोगों के साथ पुन: अराजकता की गई जिससे जिला बार का कोई वास्ता नहीं है।
-योगेंद्र सिंह वर्मा, अध्यक्ष जिला बार एसोसिएशन
तहसील परिसर में कुछ अराजकतत्वों द्वारा अव्यवस्था फैलाने का प्रयास किया गया। वहीं कुछ सरकारी कर्मचारियों के साथ मारपीट भी की। तत्काल मौके पर एसपी व मेरे द्वारा पहुंच स्थिति को सामान्य किया गया। इस संबंध में विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। जो घटना के संबंध में जिम्मेदार होगा उसके खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. आदर्श सिंह, जिलाधिकारी