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पटना से चल रहा था साइबर फ्राड का गिरोह, दो आरोपी धरे गए

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27- बाराबंकी। पुलिस लाइन सभागार में साइबर सेल व नगर कोतवाली पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपियों के बारे - फोटो : BARABANKI
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बाराबंकी। साइबर क्राइम के माध्यम से लोगों को ठगने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी समेत दो लोगों को पुलिस ने पकड़ा है। पुलिस ने बताया कि यह गिरोह बिहार के पटना स्थित एक कॉल सेंटर से चलाया जा रहा था। पुलिस अब तक इस मामले में आठ लोगों को जेल भेज चुकी है। आरोपियों के कब्जे से 20 हजार नकद, सिमकार्ड, पासबुक, एटीएम कार्ड, लेजर बुक, मॉडम,वाई-फाई राउटर, चार्जर,व मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है। वहीं इस मामले में पूरे गिरोह की निगरानी के लिए एटीएस को भी लगाया गया है। जबकि इस मामले में पुलिस ने बैंकों की जांच भी शुरू की है।
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एएसपी उत्तरी पूर्णेंदु सिंह ने सोमवार को पुलिस लाइन में पत्रकार वार्ता में बताया कि सीओ सिटी आतिश कुमार सिंह के नेतृत्व में जिले में साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के जिए अभियान चल रहा है। इस काम में लगी पुलिस टीम को दो शातिर अपराधी शाहिद अनवर(सरगना) पुत्र अमिरुल हक निवासी चौकटिया थाना मझौलिया जिला बेतिया, पश्चिमी चम्पारण, बिहार,हाल पता-केदार शरण अपार्टमेंट फ्लैट नं 203,बांस घाट उत्तरी काली मंदिर बुद्धा कालोनी थाना बुद्धा कालोनी जिला पटना, बिहार व राजन कुशवाहा पुत्र चन्द्रिका प्रसाद निवासी मंझार थाना पकड़ी दयाल जिला मोतीहारी, बिहार गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने रविवार को इन्हें पटना बिहार से ही पकड़ा है।
इनके कब्जे से 20 हजार रूपये नकद, 40 सिम कार्ड, 16 अदद मोबाइल फोन, 27 एटीएम कार्ड, 03 पर्ची एक्सिस बैंक, 02 लेजर बुक, 02 मॉडम, 01 वाई-फाई राउटर व 02 चार्जर बरामद किया गया। इनके खिलाफ बीते एक दिसंबर को शहर कोतवाली में केस दर्ज किया गया था। और इस गिरोह के छह आरोपी पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है। गिरोह के सरगना शाहिद अनवर की गिरफ्तारी के लिए एसपी अनुराग वत्स ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
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ऐसे करते थे जालसाजी
एएसपी ने बताया यह एक संगठित गिरोह है, जिसका सरगना शाहिद अनवर है। यह लोगों को सरकारी योजनाओं आदि का लाभ दिलाने के लिए उन्ही के नाम से फर्जी सिम खरीदकर लोगों का समूह बनाकर उनके विभिन्न बैंकों में खाते खुलवा देते हैं तथा खाता खुलवाते समय खातों में वही फर्जी एक्टिवेट कराये गये सिम के मोबाइल नम्बर को रजिस्टर्ड कराते हैं । खाताधारकों के बैंक पासबुक व एटीएम अपने पास रखते हैं। अपने साथियों के माध्यम से जनता के लोगों को लॉटरी इनाम दुर्घटना बीमा लोन आदि का प्रलोभन देने की कॉल करके उनके खाते से रूपये इन्हीं एक्टिवेट कराये गये खातों में रूपये ट्रान्जेक्शन कराकर नेट बैंकिंग आदि के माध्यम से बिना खाताधारक की जानकारी के रूपये निकाल लेते हैं । इस तरह इनके द्वारा बड़े पैमाने पर साइबर फ्राड किया जाता है। सरगना शाहिद अनवर द्वारा रूपयों को विदेश भेजने के भी साक्ष्य प्राप्त हुए है जिसके बारे में जांच की जा रही है।
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