बाराबंकी। डॉक्टर साहेब दवा खात-खात परेशान हो गएन लेकिन न तो बुखार जाए रहा है और न हीं खांसी से पीछा छूट रहा है। पीएचसी कोटवाधाम में दवा लेने आए रामसुमिरन ने जब वहां मौजूद डॉ. सुमित बेंजामिन से यह बात कही तो उन्होंने तत्काल उसके खून की जांच कराई और बलगम का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजते हुए कहा कि जो दवाएं लिख रहा हूं वह नियमित रूप से तीन दिन तक खाना है। इसके बाद जैसा हो, अस्पताल में आकर हाल बताएं, आराम मिल जाएगा।
रविवार को जिले के 57 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। इस दौरान 1812 मरीज देखे गए। इनमें सबसे ज्यादा मरीज वायरल बुखार के पाए गए। विभाग के अनुसार मेले में करीब 727 पुरुष, 754 महिलाएं और 331 बच्चों को उपचार की सुविधा दी गई। इसके लिए 132 डॉक्टर और 413 कर्मचारियों को लगाया गया था। इस दौरान 98 आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाए गए तो संदिग्ध पाए जाने पर 409 लोगों की कोरोना की जांच की गई।
अस्पतालों में आयोजित मेले में मरीजों की सुबह से ही भीड़ जुटने लगी और दोपहर तक अच्छी खासी भीड़ हो गई थी। इस दौरान पीएचसी कोटवाधाम पर मौजूद रामसुमिरन की हालत गंभीर होने पर डॉ. सुमित ने जांच कराकर दवाएं दी। वहीं टिकैतगंज पीएचसी पर आए मरीजों को भी जांच कराने के बाद दवाएं दी गईं। इस दौरान बुुखार के 74, मलेरिया के 25, पेटदर्द के 50, गैस्ट्रो के 161, शुगर के 57, त्वचा रोग के 202 मरीजों को देखकर उन्हें दवाएं दी गई।
सीएमओ डॉ. रामजी वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन जिले के 57 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर किया गया। इस दौरान 1812 मरीज देखे गए। इनमें सबसे ज्यादा मरीज वायरल बुखार के थे जिनकी जांच के बाद दवाएं दी गई।