बाराबंकी। जिले के सिद्धौर, जहांगीराबाद और सुबेहा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में इलाज शुरू होने से करीब चार लाख आबादी को काफी सहूलियत होगी। इन अस्पतालों में उपचार के साथ खून की जांच, एक्स-रे आदि की सुविधा शुरू करने के लिए जिला योजना के बजट से 66 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है।
सुबेहा में सीएचसी का भवन बनकर तैयार है। कर्मचारियों और उपकरणों की कमी और साज सज्जा के अभाव में इसका संचालन नहीं हो पा रहा है। इस अस्पताल में इलाज शुरू नहीं होने से इस क्षेत्र की करीब सवा लाख की आबादी को सीएचसी हैदरगढ़ या फिर पीएचसी सुबेहा का सहारा लेना पड़ रहा है। सिद्धौर और जहांगीराबाद की सीएचसी का संचालन किसी तरह उधार के कर्मचारियों से किया जा रहा है। इन अस्पतालों में कर्मचारियों के साथ उपकरण न होने की वजह से क्षेत्र की करीब पौने तीन लाख आबादी को बेहतर उपचार की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
इलाज के लिए लोगों को जिला अस्प्ताल और पीएचसी पर निर्भर रहना पड़ता है। इन अस्पतालों में उपचार की पूरी व्यवस्था होने से क्षेत्र की करीब चार लाख की आबादी को बेहतर उपचार की सुविधा मिल सकेगी। प्रसव के लिए गर्भवती को भटकना नहीं पड़ेगा। इन अस्पतालों में प्रसव संबंधी सुविधाएं मुहैया हो सकेंगी।
इन ग्रामीणों को होगी सहूलियत
जहांगीराबाद सीएचसी संचालित होने से सद्दीपुर, जहांगीराबाद, शहाबपुर, निगरी, मोहउद्दीनपुर सेमरा, बहादुरपुर, चेचरुआ, असरा, अटवा, मैगलपुर, दमोदरपुर, कादिरपुर, मेडिहा फार्म, कमरखा व दुल्हीपुर के लोगों को लाभ मिलेगा। इसी प्रकार सिद्वौर सीएचसी संचालित होने के बाद अरुई, सरसा, जमलापुर, न्योछना, सालाभारी, हाजीपुर, श्यामनगर, अलीगढ़, बिंदियामऊ, कन्हवापुर, तेलसिया, सुसवई आदि गांव के लोग लाभांवित होंगे। वहीं सुबेहा सीएचसी के संचालित होने के बाद खानपुर, जमीन हुसैनाबाद, थलवारा, पलिया, सरायंगोपी, गेरावां, अहीर गांव, शुक्लपुर, इस्माइलपुर, भटगवां, टडवां, मोहउद्दीनपुर आदि गांव की जनता को इसका लाभ मिलेगा।
सुबेहा सीएचसी बनकर तैयार है। स्टॉफ की कमी के कारण संचालन नहीं हो पा रहा है। सिद्धौर और जहांगीराबाद सीएचसी में चिकित्सा उपकरणों और साज-सज्जा की कमी है। इसके लिए जिला योजना से 66 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है।
-डॉ. रमेश चन्द्र, सीएमओ