बाराबंकी। यूपी बोर्ड की परीक्षा पारदर्शी ढंग से कराने को लेकर इस पर माध्यमिक शिक्षा परिषद ने कई नये प्रयोग किए हैं। अब एक मोबाइल ‘एप’ तैयार किया गया है जिसके जरिए परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करने वाले सचल दल समेत अन्य अफसरों का ब्योरा व लोकेशन ‘एप’ पर दर्ज होगी। इसकी निगरानी जिला व प्रदेश स्तरीय कंट्रोल रूम से की जाएगी।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद 2022 की परीक्षाएं 24 मार्च से प्रस्तावित हैं। इसकी तैयारियों में जुटा प्रशासनिक अमला परीक्षा की शुचिता व पारदर्शिता में कोई कोरकसर बाकी नहीं रख रहा है। ऐसे में निरीक्षण करने वाले सचल दल, सेक्टर-जोनल मजिस्ट्रेट, शासन व विभागीय अधिकारियों तक को विभाग द्वारा तैयार कराए गये ‘एप’ को मोबाइल में डाउनलोड करना होगा। ‘एप’ में परीक्षा केंद्रों के निरीक्षण की लोकेशन व ब्योरा दर्ज करना होगा। कितने विद्यालयों का निरीक्षण किसने किस समय किया, फोटो समेत इसकी जानकारी कंट्रोल रूम को होगी। इसके लिए परीक्षा के दो दिन पहले उन्हें ‘एप’ डाउनलोड करने के लिए लिंक उपलब्ध कराया जाएगा।
यूपी बोर्ड की परीक्षा को लेकर चार सचल दल गठित किए गये हैं। प्रत्येक दल में अधिकारियों के अलावा दो पुरुष व दो महिला शिक्षक शामिल होगी। डीआईओएस राजेश वर्मा, डायट प्राचार्य हफीजुर्रहमान, बीएसए अजय कुमार सिंह व राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य राधेश्याम धीमान के नेतृत्व में सचल दल का गठन किया गया है। इन चारों पर 112 परीक्षा केंद्रों के निरीक्षण की जिम्मेदारी होगी।
बोर्ड परीक्षा के प्रश्नपत्र एक साथ उपलब्ध कराने में उनके लीक होने की आशंका को लेकर इस बार व्यवस्था में बदलाव किया गया है। वर्ष 2022 की परीक्षा में बोर्ड जिला मुख्यालय को पांच बार में प्रश्नपत्र उपलब्ध कराएगा। इसके बाद उसका वितरण परीक्षा केंद्रों को किया जाएगा। अभी तक बोर्ड द्वारा प्रश्नपत्र भेजने के पहले उसे जिला मुख्यालय के स्ट्रांग रूम में रखा जाता था। उसके बाद कॉलेजों की बस लगाकर एक ही दिन में उसका वितरण परीक्षा केंद्रों को कर दिया जाता था।
राजकीय इंटर कॉलेज से यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए कॉपियों का वितरण किया जा रहा है। अब तक 70 फीसदी कॉपियों के वितरण का काम रविवार को पूरा हुआ। जीआईसी के कोठार में रखी गईं कापियां कॉलेज के कर्मचारियों को मिलान कराकर दी जा रही हैं। यहां कर्मचारियों को एक-एक कॉपी चेक करनी पड़ रही है क्योंकि कॉपियों की संख्या के साथ कटी व फटी कॉपी न होने का प्रमाण-पत्र केंद्र के कर्मचारियों को देना पड़ रहा है। अब तक हाईस्कूल की 84 व इंटरमीडिएट की 57 हजार कॉपियां 68 परीक्षा केंद्र के कर्मचारी ले जा चुके हैं।
नकल विहीन व शुचितापूर्ण तरीके से बोर्ड परीक्षा कराने को लेकर इस बार कई बदलाव किए गए हैं। परीक्षा केंद्र का निरीक्षण करने वाले सचल दल व अन्य अधिकारियों को मोबाइल पर ‘एप’ डाउनलोड करना होगा, लोकेशन के साथ ब्योरे तक अपलोड करना होगा। इसकी निगरानी कंट्रोल रूम से होगी। वहीं प्रश्नपत्र भी इस बार पांच बार में मिलेंगे।
-राजेश कुमार वर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक