बाराबंकी। सड़क हादसे में घायल या गंभीर बीमार लोगों को एंबुलेंस अस्पताल पहुंचाती हैं मगर यदि एंबुलेंस का संचालन ही जोखिम पूर्ण हो तो इसे घोर लापरवाही ही कहा जाएगा। जी हां, जिले के एआरटीओ कार्यालय में पंजीकृत करीब 1600 एंबुलेंस में से 500 एंबुलेंस ऐसी हैं जिनके पास फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं है। बिना फिटनेस के ही एंबुलेंस मरीजों को ढो रही हैं। एक दिन पहले संभल जिले में तीन एंबुलेंस का चालान होने के बाद हड़कंप मचा है।
फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाने के लिए एक प्रक्रिया होती है। इसके तहत एआरटीओ कार्यालय में ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता है। इसके बाद एक तारीख मिलती है। उस तारीख पर वाहन लेकर एआरटीओ दफ्तर आना पड़ता है। वाहन तकनीकी मापदंडों पर सड़क पर चलने के अनुकूल है या नहीं, यह एआरटीओ निरीक्षण के बाद तय करता है। इसके बाद वाहन फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किया जाता है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूरे प्रदेश में डायल 108 व 102 एंबुलेंस सेवा संचालित की जा रही है।
कॉल सेंटर पर कॉल आने के बाद यह एंबुलेंस मरीजों को लाने उनके घर या बताए हुए स्थान पर पहुंचती हैं। जिले के एआरटीओ ऑफिस में करीब आठ साल पहले पूरे प्रदेश की एंबुलेंस का पंजीकरण किया गया था। सभी एंबुलेंस का नंबर यूपी 41 से है। गत दिनों में जब एआरटीओ ने एंबुलेंस को लेकर जांच की तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। बाराबंकी के आरटीओ ऑफिस में पंजीकृत करीब 1600 एंबुलेंस में से 500 एंबुलेंस ऐसी हैं जिनका समय से फिटनेस नहीं कराया गया। इन एंबुलेंस का संचालन अनियमित रुप से हो रहा है।
बिना फिटनेस दौड़ रहे चार हजार कॉमर्शियल वाहन
स्कूली वाहन व एंबुलेंस के फिटनेस को लेकर मचे हंगामे के बीच एक और खुलासा हुआ है। एआरटीओ के मुताबिक, जिले में 20 हजार से अधिक कॉमर्शियल वाहनों में चार हजार का फिटनेस नहीं कराया गया है। ऐसे वाहनों का फिटनेस कराने के लिए अब अभियान चलाया जाएगा। चेकिंग में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सीएमओ बाराबंकी के नाम से पंजीकृत एंबुलेंस पूरे प्रदेश में संचालित हो रही है। एक दिन पहले संभल जिले में एआरटीओ द्वारा फिटनेस न होने के कारण तीन एंबुलेंस का चालान किया जा चुका है। अगर हम अभियान चलाकर एंबुलेंस पर कार्रवाई करते हैं तो स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ेगा।
-पंकज कुमार सिंह, एआरटीओ प्रशासन
डीजी हेल्थ को लिखेंगे पत्र
सभी एंबुलेंस फिटनेस प्राप्त कर सकें इसके लिए डीजी हेल्थ को पत्र लिखा जाएगा। क्योंकि जिले के एआरटीओ कार्यालय में दर्ज एंबुलेंस पूरे प्रदेश में संचालित हैं। इसके लिए एक कमेटी बना दी गई है जो एंबुलेंस का फिटनेस कराएगी। पूरे मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।
-डॉ. रामजी वर्मा, सीएमओ