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फ्री बोरिंग का लाभार्थियों के खाते में भेजा जाएगा पैसा

Updated Mon, 24 Jul 2017 12:31 AM IST
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फ्री बोरिंग का लाभार्थियों के खाते में भेजा जाएगा पैसा
बाराबंकी। लघु सिंचाई विभाग द्वारा दो योजनाएं किसानों के लिए संचालित हो रही हैं। छूट पर कराई जाने वाले बोरिंग के लिए अनिवार्य जॉब कार्ड की बाध्यता समाप्त कर दी गई है। वहीं अब किसानों को पाइप व मजदूरी का पैसा सीधे खाते में भेजा जाएगा। नए सत्र में बोरिंग कराने वाले किसानों से आवेेदन लिए जा रहे हैं।
लघु सिंचाई विभाग द्वारा किसानों के खेत सिंचाई के लिए बोरिंग कराने की जो योजनाएं संचालित की जा रही हैं उनमें एक मीडियम ड्रीप योजना के तहत किसानों को छह इंची पाइप की बोरिंग कराए जाने के लिए विभाग द्वारा अनुदान दिया जाता है। इसमें किसानों को एक मुश्त 51 हजार रुपये का डिमांड ड्राफ कार्यालय में जमा करना होता है। जिसके बाद विभाग द्वारा किसान के खेत में बोरिंग कराए जाने की प्रक्रिया पूरी करता है। बोरिंग में पडने वाले पाइप, बोरिंग मशीन, लेवर चार्ज आदि का खर्च विभाग वहन करता है। 200 फीट गहरी पक्की बोरिंग करने में 1.10 लाख रुपये का खर्च आता है। दूसरी लद्यु सिंचाई योजना के तहत किसानों को विभाग से स्टेटा के आधार पर पाइप दिया जाता था। इसका लाभ उन किसानों को दिया जाता था जिनके पास मनरेगा का जॉब कार्ड हो। फ्री कच्ची बोरिंग की अनुमानित लागत करीब 12-16 हजार रुपये आती है। जिसमें किसानों को बोरिंग कराने के लिए 1800 सौ रुपये जॉब कार्ड पर दिया जाता था। प्रदेश सरकार ने फ्री बोरिंग के लिए जॉब कार्ड की अनिवार्यता समाप्त करते हुए फ्री बोरिंग का अनुदान सीधे किसान के खाते में भेजने के आदेश दिए हैं।

वर्जन-
शासन से फ्री बोरिंग के लिए जॉबकार्ड की अनिवार्यता को समाप्त करने के साथ बोरिंग के लिए दिए जाने वाले पाइप बंद कर सीधे किसान के खाते में पैसा भेजने का आदेश जारी किया गया है। नए सत्र में बोरिंग कराने वाले किसान अपना आवेदन ब्लॉक मुख्यालय पर कर इसका लाभ ले सकते हैं। अभी किसी प्रकार का लक्ष्य निर्धारित नहीं हुआ है।
- एससी मौर्य, सहायक अभियंता लघु सिंचाई
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