बाराबंकी। बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को लेकर परिवहन विभाग की जागरूकता काम नहीं आ रही है। ऐसे में अब पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। बीते साल सड़क हादसों का कारण बने 436 चालकों की लापरवाही साबित होने के बाद अब उनके ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे।
पुलिस प्रशासन इसकी रिपोर्ट परिवहन विभाग को भेज रहा है ताकि चालकों में डीएल निरस्त होने का डर हो तो वे यातायात नियमों का पालन करें। जिन चालकों के लाइसेंस निरस्त होंगे, उनमें करीब डेढ़ सौ दूसरे जिले व प्रांत के निवासी हैं।
जिले में बीते वर्ष तीन बड़ी सड़क दुर्घटनाओं समेत 560 सड़क हादसे हुए। इनमें पौने चार सौ लोगों की जहां मौत हुई, वहीं घायलों की संख्या साढ़े तीन सौ का आंकड़ा पार कर गई। इसे लेकर पुलिस व परिवहन विभाग तक परेशान दिखा। बढ़ते सड़क हादसों को कम करने के तमाम जतन हुए। मगर, जागरूकता काम नहीं आई।
वहीं पुलिस ने सड़क हादसों के मुकदमे दर्ज किए तो उसकी पारदर्शी विवेचना भी की। 436 चालक दोषी पाए गए तो न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की गई। अभी तक ऐसे चालकों का न परिवहन विभाग कभी लाइसेंस निरस्त करता था, न पुलिस ही सख्ती से पेश आती थी। मगर, अब ऐसा नही होगा।
एसपी अनुराग वत्स के निर्देश पर एएसपी उत्तरी पूणेेंदु कुमार सिंह ने सख्त रुख अख्तियार किया है। उन्होंने दोषी पाए गए सभी चालकों का थानेवार निर्धारित प्रारूप पर ब्योरा जुटाकर लाइसेंस प्राधिकारी को रिपोर्ट भेजकर डीएल निरस्त कराने के आदेश दिए हैं।
चालकों के बाद अब लूट, हत्या व एमबी एक्ट के मुकदमों में नामजद आरोपियों के भी ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे। इसे लेकर एससपी के निर्देश पर थानों में ऐसे अपराधियों को चिह्नित किया जा रहा है। इसके बाद इनके भी ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे।
अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी पूणेंदु कुमार सिंह ने बताया कि अब दुर्घटनाओं का कारण बन रहे चालकों के लाइसेंस निरस्त कराए जाएंगे। बीते वर्ष हुए सड़क हादसों में 436 चालक दोषी पाए गए जिनके ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की रिपोर्ट लाइसेंस प्राधिकारी को भेजी जा रही है। जल्द ही सभी के लाइसेंस निरस्त होंगे।