बाराबंकी। तेल के खेल में आठ ब्लॉकों के करीब तीन लाख कार्डधारक फंस कर रह गए हैं। महीने के 10 दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक इन्हें तेल तो दूर की बात है, अनाज का एक दाना तक नहीं मिल सका है। गोदामों पर अभी तक तेल न पहुंचने की बात कहकर हाथ खड़े किए जा रहे हैं, जिसकी वजह से इन ब्लॉकों के कार्डधारक काफी परेशान हैं। मनमानी कर रहे जिम्मेदार इसको लेकर गंभीर नहीं दिख रहे हैं, दो फरवरी से अनाज के साथ ही अन्य सामग्री का वितरण कार्डधारकों में होना था।
जिले के 15 ब्लॉकों में करीब साढ़े 6 लाख कार्डधारक है। इनमें अन्त्योदय कार्डधारकों की संख्या एक लाख 13 हजार तथा पात्र गृहस्थी के कार्डधारकों की संख्या करीब 5 लाख 35 हजार के आसपास है। कार्डधारकों के मुताबिक जब तक सिर्फ अनाज मिला, तब तक तो सब कुछ ठीक ठाक रहा। लेकिन जिस दिन से अनाज के साथ, चना, तेल और नमक को जोड़ दिया गया, उसी दिन से समस्या पैदा हो गई।
पिछले माह गेहूं और चावल तो गोदामों पर आ गया परंतु चना, तेल और नमक का उठान समय से नहीं हो सका। जिसके कारण वितरण काफी देर से शुरू हुआ। वितरण की अवधि बढ़वाने के लिए शासन से अनुमति तक लेनी पड़ी। फरवरी माह में स्थिति और भी खराब है। बनीकोडर, हैदरगढ़, दरियाबाद, सूरतगंज, देवा, निंदूरा, टिकैतनगर और सिरौलीगौसपुर ब्लॉकों में माह की 11 तारीख बीत जाने के बाद भी तेल नहीं पहुंचा सका है, जिससे यहां पर अनाज वितरण का कार्य पूरी तरह से बंद हैं।
वहीं बंकी, फतेहपुर, हरख, मसौली, रामनगर, सिद्वौर और त्रिवेदीगंज में जैसे तैसे तेल पहुंचा है, उठान कराने के बाद जाकर वितरण शुरू हो पाया है। बताते हैं कि जब तक गेहूं, चावल, चना, नमक और तेल पांचों सामग्री एक साथ कार्डधारक को नहीं दी जाएगी, तब तक मशीन कार्डधारक का अंगूठा स्वीकार नहीं करेगी।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी रमेश कुमार ने बताया कि जिले के आठ ब्लॉक ऐसे हैं, जहां पर अभी तक तेल नहीं पहुंच सका है। इसके लिए तेल की आपूर्ति करने वाली फर्मों के साथ ही वाहन चालकों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। सात ब्लॉकों में अनाज के साथ ही अन्य सामग्री का उठान करा दिया गया है। (संवाद)