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जन आरोग्य मेले में पहुंचे 2069 मरीज

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बाराबंकी। डॉक्टर साहेब या खांसी लागत है हमार जान लै लेई तबै इससे निजात मिली। यह कहना है पीएचसी कोटवाधाम पर आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में दवा लेने आई रामरती का। उसने कहा कि 15 दिन से दवाई खाय रहे हन लेकिन आज तक कोई फायदा नहीं भवा। इस पर डॉ. सुमित बेंजामिन ने जांच कराई और दवाई देते हुए कहा कि पांच दिन तक लगातार खाएं इसके बाद अस्पताल में आकर बताएं। परेशान होने की जरूरत नहीं है, खांसी पूरी तरह से ठीक हो जाएगी।
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रविवार को जिले की 57 पीएचसी पर आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में 2069 मरीज देखे गए। इनमें महिला मरीजों की संख्या 915, पुरुष मरीजों की संख्या 786 और बच्चों की संख्या 368 रही। वहीं गंभीर पाए जाने पर 20 मरीजों को रेफर किया गया। इस दौरान 539 लोगों की कोरोना की जांच की गई तो 90 लोगों के आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाए गए।
अस्पतालों में सुबह से ही मरीजों की भीड़ जुटने लगी। कोटवाधाम में पीएचसी पर आई रामरती ने बताया कि वह खांसी से परेशान है तो मैकू ने बुखार की समस्या बताई। इसी प्रकार सुबेहा पीएचसी पर दवा लेने आई सुनीता ने डॉ. जयशंकर पांडेय को बताया कि वह पिछले एक सप्ताह से वायरल बुखार से परेशान है। निजी चिकित्सकों को दिखाने के बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ।
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इस पर डॉक्टर ने जांच कराई और कहा कि वायरल बुखार है। परेशान होने की जरूरत नहीं है। ये दवाएं तीन दिन और खाइए बुखार ठीक हो जाएगा। इस तरह सभी पीएचसी पर भारी संख्या में मरीज आए जिन्हें देखकर वहां पर मौजूद चिकित्सकों ने दवाएं दी।
मुख्यमंत्री जनआरोग्य मेले में आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए 130 चित्किसकों के साथ ही 440 स्वास्थ्य कर्मियों को लगाया गया। इस दौरान आंख रोग के 29, पेट रोग से पीड़ित 118, गैस्ट्रो के 177, लीवर रोग के 24, शुगर के 46, त्वचा रोग के 286 मरीज आए जिन्हें उपचार के बाद दवाएं दी गईं।
सीएमओ डॉ. रामजी वर्मा ने बताया कि जिले के 57 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित मुख्यमंत्री जनआरोग्य मेले में करीब 2069 मरीज देखे गए। मेले में आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए 130 चिकित्सकों और 440 स्वास्थ्य कर्मियों को लगाया गया था। इस दौरान आने वाले मरीजों की निशुल्क जांच कर दवाएं दी गईं।
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