Yamuna and Ken stopped, water level started decreasing
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बांदा। तीन दिनों से बाढ़ का कहर झेल रहे दर्जनों गांवों और हजारों ग्रामीणों के लिए राहत की खबर है। मंगलवार की शाम से यमुना और केन दोनों नदियों के जलस्तर वृद्धि में ब्रेक लगने के बाद आहिस्ता आहिस्ता यह कम होने लगा है। हालांकि गंगऊ और बरियारपुर बांधों से उफना कर केन नदी में गिर रहे पानी की मात्रा में काफी वृद्धि हो गई है। मंगलवार को शाम गंगऊ से 79670 क्यूसिक पानी क्रस्टवाल के ऊपर से केन में गिरता रहा। देर शाम इसमें कमी आने का पूर्वानुमान जताया गया है।
मंगलवार को शाम यमुना नदी 102.11 मीटर पैमाने पर थी। इसके जलस्तर में करीब 30 सेंटीमीटर की कमी आई है। हालांकि अभी भी खतरे के निशान से दो मीटर ऊपर है। लेकिन जल स्तर धीमी रफ्तार से घटने लगा है। उधर, केन नदी 102.51 मीटर पैमाने पर पहुंचने के बाद थम गई है। इसके जलस्तर में भी कमी आने का पूर्वानुमान है। केंद्रीय जल आयोग की बांदा यूनिट ने दोनों नदियों में जल स्तर घटने का पूर्वानुमान बताया है। केन में खतरे का निशान 104 मीटर पर है।
उधर, पैलानी, जसपुरा, खप्टिहा कलां आदि इलाकों में केन और यमुना के पानी की बाढ़ से अभी दर्जनों गांवों को छुटकारा नहीं मिला है। प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीण खेतों में डेरा डाले हुए हैं। प्रशासन ने कुछ मदद पहुंचाई है। इसी तरह बबेरू और कमासिन क्षेत्रों में यमुना नदी की बाढ़ से कई गांव अभी भी जलमग्न हैं। गंगऊ बांध/वियर के अवर अभियंता धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया मंगलवार को शाम 4 बजे के बाद बांध से डिस्चार्ज और जल स्तर घटने लगा है।