लीवर कैंसर जैसे खतरनाक रोग से जूझ रही फूला देवी ने अपने ही गांव मेें आमरण अनशन शुरू कर दिया है। महिला का बेटा सपा कार्यकर्ता है। लेकिन सपाइयों ने कोई सुध नहीं ली। दूसरी तरफ महिला के समर्थन में गांव की अधिकांश महिलाएं और अन्य समाजसेवी उतर आए हैं। अनशन के समय दर्जनों महिलाएं मौजूद रहीं। ग्रामीणों ने महिला के पक्ष में 11 मार्च को अपने चूल्हे न जलाने की घोषणा की है।
बड़ोखर खुर्द गांव की 48 वर्षीय फूला देवी कई वर्षों से कैंसर की गिरफ्त में है। इलाज में उसकी खेती बिक गई। उसका पुत्र सत्येंद्र कुमार यादव सपा का सक्रिय कार्यकर्ता है। उसकी तमाम आरजू-मिन्नत के बाद भी सपा के सांसद, विधायकों ने निधि से उसकी मां के इलाज को पैसा नहीं दिया।
न ही सपा नेताओं ने मुख्यमंत्री कोष से मदद दिलाने में कोई सहायता की। अपनी पूर्व घोषणा के मुताबिक सोमवार को फूला देवी अपने गांव में आमरण अनशन पर बैठ गई। पुत्र सत्येंद्र कुमार व संजू, पुत्री नेहा व ज्योति, भतीजा जितेंद्र व कल्लू, चाचा मिठाईलाल और फूला की खानदानी कस्तुरिया, रामकली, बंदी आदि भी अनशन पर बैठे हैं।
फूला की हमदर्दी में गांव की तमाम महिलाएं और पुरुष भी एकजुट हो गए हैं। अनशन के समय ग्रामीण महिला, पुरुष भी मौजूद रहे। फूला देवी के पुत्र ने रविवार को डीएम सहित उच्चाधिकारिओं और मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा था कि 9 मार्च से वह और उसकी मां अनशन पर बैठेगी।
12 मार्च को बांदा आ रहे मुख्यमंत्री ने उनकी फरियाद नहीं सुनी तो पूरा परिवार अपने खून से मुख्यमंत्री को पत्र लिखेगा। फिर भी सुनवाई न हुई तो पूरा परिवार आत्मदाह कर लेगा।
उधर, अनशन स्थल पर पहुंचे सदर एसडीएम प्रह्लाद सिंह ने अनशन पर बैठे लोगों को पहले समझाया फिर हड़काया। इससे ग्रामीण भड़ उठे। एसडीएम से उनकी नोेकझोंक हुई। इसी गांव के बाशिंदे और प्रगतिशील किसान प्रेम सिंह भी उपस्थित थे।
उन्होंने एसडीएम के बर्ताव पर नाराजगी जताई। अंतत: एसडीएम को वापस लौटना पड़ा। उधर, ग्रामीणों ने तय किया है कि फूला की सुनवाई नहीं हुई तो मुख्यमंत्री की आमद के एक दिन पहले 11 मार्च को पूरे गांव की महिलाएं अपने चूल्हे चौके छोड़कर फूला देवी के साथ अनशन पर बैठेंगी। इस अवसर पर श्याम, प्रशांत सिंह समेत तमाम ग्रामीण उपस्थित रहे।
फूला देवी के संबंध में सोमवार को ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित खबर के बाद सपा नेताओं ने भी सुध लेनी शुरू कर दी है। समाजवादी लोहिया वाहिनी जिला महासचिव अजय चौहान ने सोमवार को जिलाधिकारी को पत्र देकर ‘अमर उजाला’ में छपी खबर का हवाला देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के उन आदेशों पर अमल होना चाहिए, जिसमें हर गरीब और असाध्य रोगी को इलाज के लिए आर्थिक मदद देने को कहा गया है। सपा नेता ने इस मामले में प्रशासन पर सुस्ती का आरोप लगाया।