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सामयिक मुद्दों पर महिलाएं भी बना रहीं मजबूत पकड़

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‘माटी’ पत्रिका का विमोचन करते सीडीओ, महिला डिग्री कॉलेज प्राचार्य तथा अन्य साहित्यकार। संवाद - फोटो : BANDA
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बांदा। केदार स्मृति न्यास के तत्वावधान में आयोजित विमोचन और समीक्षा समारोह में साहित्यकारों ने लेखन और कविता संग्रह आदि पर अपनी बेबाक समीक्षाएं कीं। कहा कि इस क्षेत्र में सामयिक मुद्दों पर महिलाएं भी अपनी मजबूत पकड़ बना रही हैं। यह अच्छा संकेत है।
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रविवार को महिला डिग्री कॉलेज में आयोजित समारोह में महाविद्यालय प्रवक्ता डॉ.सबीहा रहमानी के कहानी संग्रह ‘काकी का कुनबा’ की समीक्षा की गई। महाविद्यालय के डॉ.शशिभूषण मिश्र ने डॉ.सबीहा की कहानी लेखन से जुड़े लंबे सफर पर चर्चा की।
कहा की सामयिक और स्त्री विमर्श जैसे मुद्दों पर दृढ़ता के साथ अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखना महिलाओं को सशक्तता का सकारात्मक का संदेश देती है। आनंद कुमार मंजुल ने भी कहानियों पर अपनी राय जताई। डीसीडीएफ अध्यक्ष और साहित्यकार सुधीर सिंह ने कहानी संग्रह को नायाब बताते हुए लोगों से इसे पढ़ने का आह्वान किया।
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मुख्य विकास अधिकारी वेद प्रकाश मौर्य ने भी कहानी संग्रह को सराहा। सभी साहित्यकारों ने मंच पर सामूहिक रूप से ‘माटी’ पत्रिका के 17वें अंक का विमोचन किया। वरिष्ठ महिला चिकित्सक डॉ.शबाना रफीक और महाविद्यालय प्राचार्य डॉ.दीपाली गुप्ता ने डॉ.सबीहा की कहानियों की संवेदनशीलता बयां की।
केदार स्मृति न्यास सचिव नरेंद्र पुंडरीक के दिशा निर्देशन में आयोजित इस समारोह को डॉ.रामचंद्र सरस और रामकरण साहू ने भी संबोधित किया। संचालन डॉ.अंकिता तिवारी द्वारा किया गया। महाविद्यालय के डॉ.जय प्रकाश सिंह, डॉ.ज्योति मिश्रा भी उपस्थित रहे। छात्रा अंशिका, शिवानी और तृप्ति ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किया। श्रद्धा निगम, उमा पटेल, अंजू दमेले आदि उपस्थित रहीं। डॉ.सबीहा ने आभार जताया।
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