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12 को सीएम करेंगे ‘अधूरे’ मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन!

Wed, 04 Mar 2015 11:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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मेडिकल कॉलेज ‘अधूरा’ है लेकिन 12 मार्च को मुख्यमंत्री के संभावित दौरे के मद्देनजर उनके हाथों उद्घाटन कराने की तैयारी है। आगमन की खबर पर सभी विभाग उनकी प्राथमिकताओं वाले कामों की फाइलें दुरुस्त कर रहे हैं।
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सूत्रों के मुताबिक, अगले हफ्ते मुख्यमंत्री बांदा आ सकते हैं। इस सूचना पर जिला प्रशासन के अफसर तैयारियों में जुटे हैं। कई योजनाओं के लाभार्थियों को उनके हाथों ‘लाभ’ बंटवाया जा सकता है, लेकिन सबसे बड़ा आयोजन नवनिर्मित मेडिकल कॉलेज के उद्घाटन का है।

गौरतलब है कि बसपा सरकार में स्वीकृत राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज का निर्माण उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड ने किया है। जून 2008 में यह स्वीकृत हुआ था। उसी के बाद निर्माण भी शुरू हो गया। तब इसकी मूल लागत दो अरब 55 करोड़ 43 लाख रुपये थी। समय के साथ लागत भी बढ़ गई।
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अब यह बढ़कर दोगुनी यानि छह अरब चार करोड़ रुपये हो गई है। कार्यदाई संस्था निर्माण निगम ने अब तक तीन अरब एक करोड़ 24 लाख रुपये से ज्यादा खर्च दिखाया है। निर्माण निगम की बांदा इकाई प्रभारी चंद्रशेखर के मुताबिक 73 फीसदी काम पूरा हो गया है, लेकिन इक्का-दुक्का को छोड़कर अधिकांश अधूरे हैं। इन पर काम चल रहा है।

मुख्यमंत्री की आमद की भनक लगते ही शेष कामों में तेजी आ गई है। बुधवार को डीएम सुरेश कुमार और एसपी राकेश शंकर ने अन्य अफसरों के लाव-लश्कर के साथ पूरे मेडिकल कॉलेज का जायजा लिया। निर्माण निगम के इकाई प्रभारी ने उन्हें पूरे भवन का अवलोकन कराया।

सूत्रों के मुताबिक, प्रशासन की मंशा है कि सीएम का हेलीकाप्टर मेडिकल कॉलेज परिसर में उतरे। इसके लिए हेलीपैड का स्थान भी चिह्नित किया गया है। डीएम ने प्रेाजेक्ट मैनेजर और पीडब्ल्यूडी अफसरों को उद्घाटन में जुटने के निर्देश दिए।

ज्यादातर भवन अधूरे, अब काम में आई तेजी
मेडिकल कॉलेज में ओपीडी, इमरजेंसी ब्लाक, पुस्तकालय भवन, पीआरए भवन, प्रशासनिक भवन तैयार हैं। टीचिंग ब्लाक में फर्श और फिनिशिंग बाकी है। वार्ड ब्लाक, ओटी ब्लाक, 90 बेड के नर्सिस छात्रावास, 200 बेड के पुरुष छात्रावास (डबल), 100 बेड के पुरुष छात्रावास (सिंगल) की फिनिशिंग बाकी है।

100 बेड महिला छात्रावास (डबल सीटर) की फिनिशिंग और सिंगल सीटर का प्लास्टर भी पूरा नहीं है। जूनियर डॉक्टर रेजीडेंस छात्रावास का फर्श और एनीमल हाउस की फिनिशिंग शेष है। 50 बेड के पुरुष छात्रावास में प्लास्टर चल रहा है। आवासीय भवनों में पांचों श्रेणी के आवासों में कहीं चुनाई चल  रही है तो कहीं प्लास्टर का काम।

आरसीसी ड्रेन और चहार दीवारी तथा वाटर सप्लाई के लिए पाइप लाइन डालने का काम भी अभी पूरा नहीं हुआ। सड़क और नाली अधूरी है। दो गेट में एक ही कंप्लीट हुआ है। सीवर लाइन भी पूरी तरह नहीं पड़ पाई।

डॉक्टरऔर कर्मचारी भी आधे-अधूरे
मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन भले हो जाए पर इसका पूरा फायदा आम लोगों को नहीं मिल पाएगा। डॉक्टरों सहित कई अन्य पदों पर अभी तैनाती नहीं हुई है। हालांकि मुख्यमंत्री के आने की आहट पर स्वास्थ्य विभाग यहां डॉक्टरों और कर्मचारियों की तैनाती में तेजी से जुट गया है।

प्राचार्य डॉ.आरपी सिंह ने बताया कि शासन ने 20 डॉक्टर तैनात किए हैं जबकि 43 के पद सृजित हैं। इनमें 15 ने ज्वाइन कर लिया है। पांच डॉक्टर सीएम के आने से पहले ज्वाइन कर लेंगे। अब तक तैनात किए गए डॉक्टरों में मेडिसन, सर्जरी, स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ और आंख विशेषज्ञ शामिल हैं।

लैब टेक्नीशियन के 10 पदों में मात्र एक की तैनाती हुई है। इसी तरह स्टाफ नर्स के 20 पदों मात्र एक नर्स की तैनाती हुई हैै। चतुर्थ श्रेणी के 20 पदों में सिर्फ चार तैनात हैं।

सह आचार्य होंगे तैनात
लखनऊ। बांदा, आजमगढ़ व कन्नौज के मेडिकल कॉलेजों में दो प्रवक्ता व दो सह आचार्य संविदा पर तैनात करने के लिए स्वीकृति दे दी गई है। यह जानकारी विशेष सचिव चिकित्सा शिक्षा अरिदंम भट्टाचार्य ने दी है।
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