बांदा। रिश्वत लेने के वायरल हुए गुमनाम वीडियो पर जांच से पहले ही प्रभारी अपर जिला कृषि अधिकारी और लिपिक निलंबित कर दिए गए। अब विभागीय जांच शुरू हो गई है। फिलहाल विभाग और जांच अधिकारी यह पता करने में जुटे हैं कि वीडियो वायरल करने वाला कौन है?
विकास भवन स्थित जिला कृषि कार्यालय में प्राविधिक सहायक/प्रभारी अपर जिला कृषि अधिकारी नाथूराम व कनिष्ठ लिपिक यशवंत सिंह का रिश्वत लेते हुए एक गुमनाम वीडियो शनिवार को वायरल हुआ था। जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह की जानकारी में आया तो उन्होंने संयुक्त कृषि निदेशक उमेशचंद्र कटियार को कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
संयुक्त कृषि निदेशक ने तत्काल प्रभाव से दोनों को निलंबित कर दिया। दोनों को उप निदेशक कृषि रक्षा इकाई कार्यालय में संबद्ध कर दिया गया है। प्रभारी अपर जिला कृषि अधिकारी नाथूराम की जांच कृषि उप निदेशक राम प्रसाद माथुर और लिपिक की जांच भूमि संरक्षण अधिकारी शैलेंद्र वर्मा को सौंपी गई है।
जिला कृषि अधिकारी डा.प्रमोद कुमार का कहना है कि फिलहाल वीडियो से यह स्पष्ट नहीं हो रहा है कि रिश्वत देने वाला कौन है? अलबत्ता ऐसी कुछ बातचीत सुनाई दे रही है। यह भी स्पष्ट नहीं हो रहा है कि किस काम के लिए और किस व्यक्ति द्वारा पैसा दिया जा रहा है। हालांकि वीडियो में अपर कृषि अधिकारी को हाथ में रुपये लेकर गिनते देखा जा रहा है।
उधर, संयुक्त कृषि निदेशक उमेशचंद्र कटियार का कहना है कि वीडियो के आधार पर निलंबन की कार्रवाई करने के बाद जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि वीडियो में रिश्वत देने वाला व्यक्ति नजर नहीं आ रहा। न ही किसी ने ऐसी कोई शिकायत की। जांच अधिकारी रिश्वत देने वाले व्यक्ति की तलाश कर रहे हैं। यह बात सही साबित हुई तो अग्रिम कार्रवाई भी की जाएगी। उधर, इस संबंध में अपर कृषि अधिकारी नाथूराम वर्मा ने रिश्वत लेने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह वायरल वीडियो में अपना खुद का पैसा लिए हुए हैं।
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