बांदा। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में सोमवार को शाम विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले बिजली कर्मियों ने मशाल जुलूस निकाला।
मुख्य अभियंता कार्यालय में प्रदर्शन किया। 29 सितंबर तक कार्य बहिष्कार की घोषणा की। कहा कि निजी कंपनियां 16 फीसदी मुनाफा लेकर बिजली देंगी।
समिति के प्रांतीय आह्वान पर सोमवार को शहीदे आजम भगत सिंह की जयंती पर जनपद के सभी बिजली कर्मियों और अभियंताओं ने यह प्रदर्शन किया। कहा कि प्रबंधन ने निजीकरण का प्रस्ताव खारिज नहीं किया तो 5 अक्तूबर से पूरे दिन कार्य बहिष्कार होगा।
अभी 29 सितंबर से रोजाना तीन घंटे कार्य बहिष्कार करेंगे। निजीकरण को पावर कारपोरेशन और जनता दोनों के लिए ही अहितकारी बताया। कहा कि निजी कंपनियां उपभोक्ताओं से मनमानी वसूली करेंगी।
यह भी आरोप लगाया कि बिजली महंगी देंगी। अभी यूपी में बिजली की लागत का औसत 7 रुपये 90 पैसे प्रति यूनिट है। निजी कंपनी 16 फीसदी मुनाफा लेकर 9 रुपये 50 पैसे प्रति यूनिट से कम पर बिजली नहीं देगी।
उपभोक्ताओं को 8 से 10 हजार रुपये तक अधिक बोझ बढ़ेगा। समिति संयोजक पीयूष द्विवेदी सहित जेई कांता प्रसाद, अनिल यादव, आलोक शर्मा आदि उपस्थित रहे।