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फैसला कुछ भी हो, बांदा में कुछ न हो

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ईदगाह ग्राउंड में पुलसि अधीक्षक की गोष्ठी में उपस्थित लोग। - फोटो : BANDA
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बांदा। अयोध्या मामले में जल्द ही संभावित सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर पुलिस ने एहतियाती कवायदें शुरू कर दी हैं। थानों से लेकर बस्तियों तक गोष्ठियां करके ऐसा माहौल तैयार किया जा रहा है कि फैसला कुछ भी हो, यहां कुछ न हो।
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सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर हिंदू-मुस्लिम दोनों ही वर्गों में चर्चाएं हैं। उधर, प्रदेश सरकार ने इस बात के लिए पूरी ताकत झोंक दी है कि फैसले के बाद कहीं भी अमन पर आंच न आए। इसका सबसे बड़ा जिम्मा पुलिस को सौंपा गया है।
पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद साहा खुद इन गोष्ठियों में शामिल हो रहे हैं। इसी श्रृंखला में शुक्रवार को ईदगाह के पास सार्वजनिक गोष्ठी की गई। हिंदू-मुस्लिम दोनों ही वर्ग के लोग उपस्थित थे। एसपी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पूरा सम्मान दें। किसी तरह की ऐसी कोई प्रतिक्रिया न करें जिससे सौहार्द और शांति पर आंच आए। उन्होंने कहा कि अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस सख्ती से पेश आएगी। ऐसे लोगों की सूचना तत्काल पुलिस को दें। खासतौर पर सोशल मीडिया से फैलाई जाने वाली अफवाहों से आगाह किया।
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बैठक में मौजूद ईदगाह व जामा मस्जिद के मुतवल्ली डा. शेख सादी जमां ने कहा कि बांदा शहर शुरू से ही सौहार्द और हिंदू-मुस्लिम एकता का नमूना रहा है। आज भी दोनों धर्म मजहब के लोग एक-दूसरे के पूरक हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पूरा सम्मान होगा। आल इंडिया काजी बोर्ड के नायब सदर मुमताज रब्बानी ने कहा कि फैसले का हम सब सम्मान करेंगे और अपने भाईचारा को बरकरार रखेंगे। सपा निवर्तमान जिलाध्यक्ष शमीम बांदवी, पूर्व डीडीसी और कांग्रेस नेता मोहम्मद इदरीस, बसपा नेता अयूब अली आदि ने भी यही बातें दोहराईं। सैय्यद हामिद जमां, हाजी यूसुफ अली, हाफिज मोहब्बत अली, वार्ड सदस्य अब्दुल रज्जाक सहित क्षेत्राधिकारी आलोक मिश्रा, नवगांतुक कोतवाली प्रभारी निरीक्षक दिनेश सिंह आदि उपस्थित रहे।
पुलिस की अपील, तीखी प्रतिक्रिया से बचें
बांदा। अयोध्या फैसले को लेकर बांदा पुलिस ने शुक्रवार को जनपद के बाशिंदों को अपील जारी की है। कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से हिंदू/मुस्लिम समुदायों में से किसी की भावना आहत हो सकती है। इसलिए कोई तीखी प्रतिक्रिया देने से बचें। किसी की भावना को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी मैसेज का तत्काल खंडन करें और प्रशासन के अफसरों को अवगत कराएं। ऐसे भड़काऊ फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर, इंस्टाग्राम, मैसेंजर आदि पर कदापि शेयर न करें।
सौहार्द को प्रभावित करने वाले सोशल मीडिया पर संदेश फैलाना या प्रचारित करना आईपीसी की धारा 153-ए व बी और सूचना व प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66-बी(ए) के तहत दंडनीय अपराध है। इसमें तत्काल गिरफ्तारी की जा सकती है। अपील में कहा गया है कि बांदा जनपद/शहर आपका है और यहां अमन और सौहार्द बनाए रखना सबकी जिम्मेदारी है।
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