बांदा। परिषदीय विद्यालयों में सरकार की योजनाओं पर गाइड लाइन के मुताबिक अमल नहीं हुआ तो इसके परिणाम अच्छे नहीं होंगे। यह चेतावनी डीएम हीरालाल ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को दी। कहा कि बच्चों के जूते-मोजे और स्वेटर में कमीशनबाजी सामने आई तो कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। ये सारी वस्तुएं अच्छी क्वालिटी की होनी चाहिए।
शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला अनुश्रवण समिति की बैठक में डीएम ने बीएसए हरिश्चंद्र नाथ को निर्देश दिया कि कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों का भ्रमण करें और वहां की समस्याएं देखें। परिषदीय स्कूलों का भी जायजा लें। शिक्षा गुणवत्तायुक्त होनी चाहिए। जो शिक्षक इसमें लापरवाही करें उनके खिलाफ दंडनीय कार्रवाई की जाए।
मिड-डे मील मेन्यू और रोस्टर के मुताबिक दिया जाए। डीएम ने आगाह किया कि वह कभी भी विद्यालय का निरीक्षण करेंगे। गड़बड़ियां मिलीं तो माफ नहीं करेंगे, क्योंकि शिक्षा उनका ड्रीम प्रोजेक्ट है। उन्होंने खुद भी प्राइमरी स्कूल में शिक्षा ली है। बीएसए को निर्देश दिए कि खंड शिक्षा अधिकारियों के पटल परिवर्तित करें। उनकी मानीटरिंग करके सोमवार को जिला प्रशासन को रिपोर्ट दें। हर विद्यालय में पीटीएम (पैरेंट्स टीचर्स मीटिंग) अवश्य हो।
खंड शिक्षा अधिकारियों को डीएम ने निर्देश दिया है कि जिन स्कूलों में वाटर हार्वेस्टिंग नहीं हुई है वहां शीघ्र पूरा कराएं। इसकी प्रगति दो दिन के अंदर पेश करें। 12 से 16 नवंबर तक होने वाले कालिंजर महोत्सव में सभी विद्यालयों के बच्चों, शिक्षकों को भेजा जाए। इसमें बच्चों का एक टूर भी हो। बैठक में परियोजना निदेशक आरपी मिश्रा, बीएसए हरिश्चंद्रनाथ, डीआईओएस विनोद कुमार, डीपीआरओ संजय यादव, दिव्यांग अधिकारी प्रीतिलता सहित एबीएसए उपस्थित रहे।