तमाम परियोजनाओं में भ्रष्टाचार और लाखों के गोलमाल की शिकायत पर शासन ने भूमि संरक्षण अधिकारी के विरुद्ध जांच के आदेश दिए हैं। डीएम ने टीम गठित कर एक पखवारे के अंदर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग रामगंगा कमांड (बांदा प्रथम) भूमि संरक्षण अधिकारी जेपी श्रीवास्तव के विरुद्ध मोहनलालगंज विधायक चंद्रा रावत और माखनपुर (नरैनी) निवासी रामशरण पटेल ने शिकायतें की थीं। डीएम ने शासन के आदेश पर जिला विकास अधिकारी के नेतृत्व में जांच समिति गठित की है।
इसमें अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण सेवा को तकनीकी जांच के लिए शामिल किया गया है। भूमि संरक्षण अधिकारी पर वित्तीय वर्ष 2013-14 में पत्थर-पटिया सप्लाई के लिए निविदा निकालने और निविदा खुलने से पहले ही अपनी चहेती फर्म से बिना टेंडर के आपूर्ति लेकर लाखों रुपये का गोलमाल का आरोप है।
एक अन्य परियोजना डब्ल्यूडीटी के सदस्यों द्वारा बनाए गए समूहों माइक्रो इंटरप्राइजेज के गरीब लाभार्थियों को चेक वितरण करने में 10 फीसदी कमीशन वसूलने और 60 फीसदी कमीशन के बिना ठेेकेदारों को भुगतान न करने की भी शिकायत शामिल है। जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।