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- फोटो : BANDA
बांदा। कांट्रेक्ट फार्मिंग से किसानों को अच्छा बाजार उपलब्ध हो रहा है। कृषि के पुराने कानून वर्तमान में उचित नहीं हैं, इनमें बदलाव जरूरी है। कांट्रेक्टि फार्मिंग पर भ्रम फैलाया जा रहा है। इससे किसान अच्छा मुनाफा कमा सकेंगे। यह बात सोमवार को केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौबे ने तीन दिवसीय क्षेत्रीय किसान मेले के समापन अवसर पर कही।
समापन समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार ने किसानों की समृद्धि के लिए 1.30 करोड़ रुपये का बजट दिया है। किसान समृद्धि निधि के 75 हजार करोड़ रुपये किसानों के खाते में जा रहे हैं। इस वर्ष तीन करोड़ नए किसानों के किसान क्रेेडिट कार्ड (केसीसी) बने हैं। उन्होंने कहा कि बांदा कृषि विश्वविद्यालय ने तिल और अलसी की अच्छी किस्में दी हैं। यहां वैज्ञानिक शोध अच्छा हो रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रदेश के कृषि राज्य मंत्री लाखन सिंह राजपूत ने कहा कि बुंदेलखंड के किसानों का भाग्य बदल रहा है। वैज्ञानिक दिन रात मेहनत करके किसानों के लिए काम कर रहे हैं। केंद्रीय और राज्य सरकार दोनों के मंत्रियों ने कुलपति डॉ. यूएस गौतम की सराहना की।
नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्व विद्यालय, अयोध्या के कुलपति डॉ. बीजेंद्र सिंह ने किसान मेले के आयोजन को सराहते हुए कहा कि ऐसे आयोजन कम देखने को मिलते हैं। कृषि ज्ञान प्रबंधन निदेशालय, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के निदेशक डॉ. एसके सिंह ने यहां विश्व विद्यालय की गतिविधियों को किसानों के लिए फायदेमंद बताया। कहा कि उद्यान, संरक्षित खेती और मधुमक्खी पर अच्छा काम हो रहा है। नाबार्ड सीजीएम डीएस चौहान ने कहा कि विश्व विद्यालय के साथ मिलकर नाबार्ड किसानों के लिए अच्छा काम करेगा। समारोह को सांसद आरके सिंह पटेल और भाजपा जिलाध्यक्ष रामकेश निषाद ने भी संबोधित किया।
समापन समारोह में अटारी कानपुर निदेशक डॉ. अतर सिंह, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा नामित प्रबंध समिति सदस्य बलराम सिंह कछवाह, भारतीय किसान मोर्चा राष्ट्रीय मंत्री शिवशंकर सिंह, डॉ. प्रियरंजन प्रसाद सिंह आदि भी उपस्थित रहे। टीएसपी परियोजना से किसानों को ट्रैक्टर बांटे गए। मंत्री और अफसरों ने स्टॉलों का अवलोकन किया। विश्वविद्यालय कुलसचिव प्रो. जीएस पवार ने सभी को सम्मानित किया। आयोजन सचिव सह निदेशक डॉ. नरेंद्र सिंह ने मेला प्रतिभाग करने वाले सभी का आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. वीके गुप्ता ने किया।