बांदा। कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में की गई नियुक्तियों में आरक्षण रोस्टर का पालन न करने की शिकायत करना सहायक शिक्षक को महंगा पड़ गया। कुलपति ने उन्हें विश्वविद्यालय से हटाकर महोबा जनपद के कृषि विज्ञान केंद्र (बेलाताल) स्थानांतरित कर दिया है। तत्काल कार्यमुक्त भी कर दिया गया है। इस तबादले को नियुक्तियों के संबंध की गई शिकायत से जोड़कर देखा जा रहा है।
विश्वविद्यालय में नियुक्तियों में भ्रष्टाचार सहित आरक्षण रोस्टर का पालन न करने का विरोध करने वाले शस्य विज्ञान विभाग में तैनात सहायक अध्यापक श्यामवीर सिंह का तत्काल प्रभाव से कृषि विज्ञान केंद्र, बेलाताल (महोबा) तबादला कर दिया गया। कुलपति ने उन्हें तुरंत कार्यमुक्त भी कर दिया। सिंह विश्वविद्यालय में वर्ष 2017 से कार्यरत थे।
गौरतलब है कि सहायक प्राध्यापक सिंह ने कुलपति पर नियुक्तियों के आरक्षण रोस्टर में मनमानी का आरोप लगाते हुए गवर्नर समेत राज्यसभा सांसद विशंभर प्रसाद निषाद, तिंदवारी विधायक बृजेश प्रजापति, विश्वविद्यालय की बोर्ड सदस्य ममता मिश्रा और अल्पसंख्यक आयोग से शिकायत की थी।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका भी दायर कर रखी है, जबकि जनप्रतिनिधियों की शिकायतों पर राज्यपाल ने जांच के आदेश दिए हैं। माना जा रहा कि इन्हीं शिकायतों की वजह से कुलपति द्वारा उन्हें यहां से हटाकर महोबा भेज दिया गया है। चर्चा है कि शिकायतों के निस्तारण और जांच पूरी होने से पहले कुलपति द्वारा सहायक अध्यापक का स्थानांतरण कर दिया जाना आरोपों को सही साबित करता है।
उधर, विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डा. बीके सिंह (प्रशासन) का कहना है कि श्यामवीर सिंह का स्थानांतरण सामान्य प्रक्रिया के तहत किया गया है। बेलाताल रिसर्च सेंटर में सहायक अध्यापक की आवश्यकता थी। शिकायतों को लेकर तबादला करने जैसी कोई बात नहीं है।
छोटे कर्मचारी हैं, जहां भेजेंगे जाना पड़ेगा
बेलाताल कृषि विज्ञान केंद्र स्थानांतरित किए गए सहायक अध्यापक श्यामवीर सिंह का कहना है कि उन्होंने विश्वविद्यालय में की गई नियुक्ति में आरक्षण रोस्टर का पालन न करने की शिकायत की थी। इस संबंध में हाईकोर्ट में रिट भी दायर की है। हाईकोर्ट बंद होने से अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है। बोले, वह छोटे कर्मचारी हैं, जहां भेजा जाएगा, वहां जाना पड़ेगा।