फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डंपर की टक्कर से पिकअप सवार दो लोगों की मौत

विज्ञापन
Two people on the pickup died due to the collision of the dumper - फोटो : BANDA
विज्ञापन
बांदा। सवारियों से भरी पिकअप को तेज रफ्तार डंपर ने टक्कर मार दी। इस हादसों में पिकअप सवार मालिक और महिला यात्री की मौत हो गई। मां-बेटी गंभीर रूप से घायल हो गईं। 10 अन्य भी चुटहिल हो गए। घायल मां-बेटी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डंपर को घटनास्थल पर ही छोड़कर चालक और क्लीनर भाग गए।
विज्ञापन

यह दुर्घटना रविवार की दोपहर नगर कोतवाली क्षेत्र में मवई बाईपास पर हुई। जिले के पैलानी थाना क्षेत्र के पड़ेरी गांव निवासी रविकरन (45) अपनी पिकअप पर सवारियां लेकर पैलानी जा रहा था। पिकअप में लगभग 15 लोग सवार थे। बांदा शहर से करीब चार
किलोमीटर दूर मवई बाईपास के पास चौराहा पार करते समय तिंदवारी से महोबा की तरफ जा रहे तेज रफ्तार खाली डंपर ने पिकअप में दायें साइड टक्कर मार दी। रविकरन और पैलानी की रहने वाली ज्योति (30) पत्नी जितेंद्र कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों दूर तक डंपर में घिसटते चले गए। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
विज्ञापन

पिकअप में सवार बीनू गुप्ता (20) पत्नी अंबिका प्रसाद (चंदीपुर, फतेहपुर), पांच वर्षीय पुत्र और मां सावित्री (45) निवासी सिंधनकलां को गंभीर चोटें आईं। दोनों को यूपी-112 पुलिस ने जिला अस्पताल पहुंचाया।
बीनू मां के साथ सिंधनकलां गांव स्थित मायके जा रही थी। अन्य यात्रियों को मामूली चोटें आईं। उन्हें इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। डंपर को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। क्षेत्राधिकारी राकेश कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि तहरीर आदि के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में एक बार फिर अव्यवस्था सामने आई। डंपर की टक्कर से घायल पिकअप सवार महिलाओं को पुलिस लेकर ट्रामा सेंटर आई। यहां बेड तक पहुंचाने के लिए स्ट्रेचर भी नहीं उपलब्ध हुआ। यूपी-112 के पुलिस कर्मियों ने घायल महिलाओं को गोद में उठाकर बेड तक पहुंचाया। इस अव्यवस्था पर घायलों के परिजनों में रोष था।
अस्पताल कर्मियों से उनकी नोकझोंक भी हुई। गौरतलब है कि इसी हफ्ते राज्यमंत्री रामकेश निषाद ने अस्पताल का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी यहां की बदहाली बरकरार है। सीएमएस डॉ. एसएन मिश्र का कहना है कि स्ट्रेचर ट्रामा सेंटर के गेट पर उपलब्ध रहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें