बांदा। परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों, शिक्षामित्र, अनुदेशक, विशेष शिक्षक और रसोइया तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के शिक्षकों के उत्पीड़न पर प्राथमिक शिक्षक संघ का ट्वीट विरोध जारी है।
जिलाध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी ने बताया कि पुरानी पेंशन और सवा लाख स्कूलों में प्रधानाध्यापक पद समाप्त कर दिए गए। पांच सालों से पदोन्नति नहीं हुई। मोबाइल और लैपटॉप तथा इंटरनेट दिए बिना ऑनलाइन काम कराया जा रहा है। शिक्षामित्रों को अध्यापक पद से हटा दिया गया। अनुदेशकों का मानदेय 17 हजार से घटाकर सात हजार कर दिया गया।
अध्यक्ष ने बताया कि इन्हीं सब विसंगतियों और अन्याय के खिलाफ संघ ने 21 सूत्री ज्ञापन सरकार को दिया है। न माना गया तो लखनऊ में प्रदेश व्यापी आंदोलन होगा। अध्यक्ष ने बताया कि रविवार को अपनी मांगों के समर्थन में ट्विटर पर 10 लाख शिक्षकों ने ट्वीट किया है। इसमें महामंत्री संजय सिंह सहित कोषाध्यक्ष शिवशंकर पांडेय, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी, संयुक्त महामंत्री सुरेंद्र यादव की संयुक्त देखरेख में यह अभियान चला।