बांदा। लघु सीमांत युवा किसान ने फांसी लगाकर जान दे दी। परिजन के मुताबिक, मृतक पर साहूकारों का डेढ़ लाख का कर्ज था और सात बीघा जमीन थी पर पथरीली होने के कारण खेती भी इतनी नहीं हो पाती थी कि घर खर्च ही चल सके। इसलिए आर्थिक तंगी के चलते चुका न पाने से परेशान था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
बदौसा थाना क्षेत्र में कस्बा निवासी रामबाबू निषाद (35) पुत्र किशोरी लाल ने शुक्रवार दोपहर घर में टिन शेड के एंगल पर रस्सी बांधकर फांसी लगा ली। शाम को परिजनों ने शव लटका देखा। पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
घटना के समय पत्नी दो बेटे व एक बेटी के साथ मायके गए थी और रामबाबू घर में अकेला था। बताते हैं कि घर में पैसा न होने के कारण पत्नी अपने मायके इसलिए चली गई थी कि खेतों में फसल काटकर पैसा कमा सके, इसके बाद से रामबाबू और परेशान रहता था।
चचेरे भाई राम किशोर ने बताया कि रामबाबू पर साहूकारों का करीब डेढ़ लाख रुपये कर्ज है, साथ ही आर्थिक तंगी भी थी। मात्र 7 बीघा जमीन में फसल इतनी नहीं हो पाती थी कि परिवार का गुजारा हो जाए। भाई के मुताबिक इसी से तंग आकर आत्महत्या कर ली। एसडीएम अतर्रा सौरभ शुक्ला का कहना है कि उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं है। जांच कराई जाएगी। नियमानुसार कार्रवाई और आश्रितों की संभव मदद कराई जाएगी।