बांदा। बीते साल का आखिरी और नए साल का पहला दिन भी कड़ाके की ठंड में रहेगा। बुधवार को शीतलहर ने और जोर पकड़ा। हाड़कंपाऊ ठंड के बीच तीन किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती रही उत्तर-पूर्व हवाओं ने जनजीवन को कंपकंपा दिया। सूरज ढलते ही सड़कों पर गिनेचुने लोग ही नजर आए। भीषण ठंड के बावजूद प्रशासन की ओर से असहायों को अभी कंबल इत्यादि पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं कराए जा रहे।
मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार (30 दिसंबर) को न्यूनतम तापमान 5 डिग्री रहा। यह सामान्य से चार डिग्री कम है। अधिकतम तापमान 19 डिग्री रिकार्ड किया गया। यह भी सामान्य से 6 डिग्री कम रहा। कृषि विश्वविद्यालय में मौसम विज्ञान विभाग के सह प्राध्यापक दिनेश साहा ने बताया कि हवा की दिशा बदलने से नमी बढ़ गई है और तापमान में गिरावट आई है। यह औसत से भी नीचे गिर गया है।
उन्होंने बताया कि अगले कई दिनों तक यही स्थिति रहेगी। उन्होंने बताया कि फसलों पर असर पड़ेगा। रात में कम तापमान हो, लेकिन दिन में धूप का खिलना फसलों के लिए मुफीद माना जाता है। कृषि मौसम इकाई के हवाले से बताया कि दिसंबर में अधिकतम तापमान 24.7 डिग्री और न्यूनतम 11.6 डिग्री सेल्सियस रहा है। जबकि यह क्रमश: 25 और 10 रहना चाहिए।