दिन दहाड़े युवक को गोली मारकर जख्मी कर देने के जुर्म में तीन सगे भाइयों को अदालत ने 10-10 वर्ष की कैद और 5-5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
कहला गांव निवासी अधिवक्ता सचदेव त्रिपाठी ने 7 नवंबर 2002 को शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह दिन में करीब डेढ़ बजे अपने खेत में बैठे रखवाली कर रहे थे। खेत को कुछ लोग ट्रैक्टर से रौंद देते थे। साथ में विनोद पुत्र कृष्ण देव, अनिल पुत्र रामशरण और विष्णु देव पुत्र राजाभइया भी बैठे थे।
तभी नंदू, मंदू और इंद्रावल पुत्रगण बद्री केवट बालू से भरे ट्रैक्टर ट्राली लेकर निकले और सत्यदेव पुत्र रामशरण के खेत से निकालने लगे। खेत मेें अरहर बोई थी। ट्रैक्टर नंदू चला रहा था। विनोद ने ट्रैक्टर को रोका तो ट्राली पर बैठे मंदू ने अपने पिता की दोनाली बंदूक से विनोद पर फायर कर दिया।
गोली विनोद के बाएं हाथ मेें लगी। खेत में बैठे लोग लाठी, डंडे लेकर दौड़े और घेरकर मंदू को बंदूक समेत पकड़ लिया। नंदू व इंद्रावल भाग गए। मंदू को पकड़कर कोतवाली ले आए और पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने धारा 307 आईपीसी की रिपोर्ट दर्ज कर बंदूक कब्जे में ले ली।
पुलिस ने विवेचना के बाद तीनों आरोपियों के विरुद्ध अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। एडीजीसी आशुतोष मिश्रा ने 6 गवाह पेश किए। बुधवार को विशेष न्यायाधीश (डकैती) बृजलाल चौरसिया ने तीनों अभियुक्तों को 10-10 वर्ष की कैद और 5-5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर दो-दो माह की अतिरिक्त कैद होगी। जुर्माने की आधी रकम घायल विनोद को दी जाएगी। वादी की ओर से पैरवी अधिवक्ता बृजमोहन सिंह गौर ने की।