ठंड में गरीब-असहायों को कंबल बांटने की आड़ में अफसरों और कर्मचारियों ने अपनी जेब गर्म कर लीं। मंडल मुख्यालय बांदा से सिर्फ 50 किलोमीटर दूरी पर बसे महोबा जनपद के दैवी आपदा विभाग ने कंबलों की खरीद मेें 4,21,705 रुपये ज्यादा भुगतान कर दिए। जबकि महोबा के कंबल का वजन बांदा से हल्का है।
सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत आरटीआई कार्यकर्ता संकटा प्रसाद त्रिपाठी द्वारा मांगी गई सूचना में गरीबों के कंबल के नाम पर हुए खेल का खुलासा हुआ है। सूचना मेें बांदा के अपर जिलाधिकारी ने बताया है कि 2 किलो 700 ग्राम वजन का कंबल 395 रुपये प्रति की कीमत पर खरीदा गया।
इसे उत्तर प्रदेश राज्य हथकरघा निगम लिमिटेड, कानपुर से टेंडर के जरिए खरीदा गया। उधर, दूसरी तरफ महोबा के प्रभारी अधिकारी (दैवी आपदा) द्वारा दी गई सूचना में बताया गया है कि 2 किलो 200 ग्राम वजन वाले एक कंबल की कीमत 490 रुपये भुगतान की गई है। यह कंबल उत्तर प्रदेश राज्य हथकरघा निगम, लखनऊ, क्षेत्रीय गांधी आश्रम जैतपुर शाखा बांदा और गंगोत्री हस्त शिल्प विकास एवं विपणन निगम, लखनऊ से खरीदे गए हैं।
यानी बांदा में 500 ग्राम ज्यादा वजन का कंबल सिर्फ 395 रुपये में खरीदा गया। वहीं महोबा मेें 500 ग्राम कम वजन वाला कंबल 95 रुपये अधिक में खरीदा गया। महोबा में कुल 4439 कंबल खरीदे गए। 95 रुपये प्रति कंबल अधिक खरीद की दर से कुल 4,21,705 रुपये ज्यादा भुगतान किया गया।
बांदा में सदर तहसील में 1720, बबेरू में 1630, नरैनी मेें 1750, अतर्रा में 1630 और पैलानी तहसील में 1630 कंबल गरीबों को बांटना बताया गया है। शासन ने यहां कंबल यहां कंबल खरीदने के लिए 34,87,500 रुपये दिए थे। इसके अलावा समाजसेवी संस्थाओं ने 1893 कंबल प्रशासन को उपलब्ध कराए। उधर, महोबा सदर में 2170, चरखरी में 1049 और कुलपहाड़ में 1220 कंबल वितरित होना बताया गया है। इसके लिए यहां शासन ने 15 लाख रुपये दिए थे।