बांदा। किशोरी ने घर में फंदा लगाकर जान दे दी। परिजनों का कहना है कि मानसिक स्वास्थ्य सही न होने के कारण उसने आत्मघाती कदम उठाया है।
अतर्रा कोतवाली क्षेत्र के सुलक थोक मोहल्ला निवासी सुनीता (14) ने शुक्रवार की शाम साढ़े पांच बजे घर के अंदर छप्पर की धन्नी से दुपट्टे से फंदा लगा लिया। घटना के समय पिता अच्छेलाल राशन लाने दुकान गए थे। मां बच्ची देवी कंडा पाथने गई थी। पिता ने दुकान से लौटा तो सुनीता को फंदे से लटका पाया।
चाचा अष्टमी प्रसाद ने बताया कि करीब एक साल से सुनीता का मानसिक संतुलन सही नहीं चल रहा था। उसे अस्पताल में भी दिखाया था। कुछ दिन पहले वह गांव में ही स्थित कुएं में कूद गई थी। उस समय उसे बचा लिया गया था। अतर्रा कोतवाल पंकज सिंह ने बताया कि परिजन मानसिक संतुलन सही न होने की बात कह रहे हैं। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।