फोटो - 22 कोतवाली क्षेत्र के सट्टन चौराहे पर बिना प्लेटफार्म के होलिका दहन के लिए रखी गई लड़किय
बांदा। शहर में होली के पर्व को लेकर उत्साह का माहौल है लेकिन नगर पालिका की ओर से की गई एक बड़ी चूक ने चिंता बढ़ा दी है। इस वर्ष शहर के 140 विभिन्न स्थानों पर होलिका दहन का कार्यक्रम आयोजित होगा। नगर पालिका ने इनमें से किसी भी स्थान पर मिट्टी से निर्मित प्लेटफार्म की व्यवस्था नहीं की है। इस लापरवाही के चलते होलिका दहन के दौरान जलने वाली लकड़ियों और अन्य सामग्री से सड़कों के खराब हो जाएंगी।
परंपरा के अनुसार होलिका दहन के लिए विशेष स्थान बनाए जाते हैं। जहां मिट्टी के मजबूत प्लेटफार्म तैयार किए जाते हैं। ये प्लेटफार्म न केवल होलिका को सुरक्षित रूप से जलाने में मदद करते हैं, बल्कि जलने वाली लकड़ियों और राख से आसपास की सड़कों को भी बचाते हैं। इस वर्ष नगर पालिका द्वारा इस महत्वपूर्ण इंतजाम की अनदेखी किए जाने से, जहां होलिका दहन होगा, वहां की सड़कें जलने या खराब होने के खतरे में हैं। इससे न केवल सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान होगा, बल्कि भविष्य में सड़कों की मरम्मत पर अतिरिक्त खर्च भी आएगा। नगर पालिका के कार्यकारी अधिकारी (ईओ) श्रीचंद्र ने इस चूक की जांच कराने के आदेश दिए हैं।
3 मार्च की सुबह 5 बजे होगा होलिका दहन
होलिका दहन 3 मार्च को सुबह 5 बजे किया जाएगा। रामदेव संस्कृत महाविद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य डॉक्टर अशोक अवस्थी का कहना है कि होलिका दहन भद्रा रहित नक्षत्र में होता है। 2 मार्च को प्रदोष काल में पूर्णिमा तो है पर 3 मार्च को सुबह 4:58 तक भद्रा नक्षत्र लगा रहेगा। लिहाजा होलिका दहन 5:00 बजे ही किया जाएगा।